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बाल्टी से चढ़ा रहे कांक्रीट, मजदूर इक्का-दुक्का
ईस्लामपुरा में छत भी नहीं बनी
नौगांव और ऑफिसर कॉलोनी टंकी पर निर्माण बंद
मोहल्लों में जानेे का समय नहीं निकाल पा रहे
योजनामें 35 किमी की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन मोहल्लों में बिछाई जाना है। इसके पाइप 6 महीने पहले गया था। निर्माता एजेंसी ने इसके लिए सर्वे कर नगरपालिका को दे भी दिया है। नगरपालिका को अपनी प्राथमिकता के आधार पर इस सर्वे पर मुहर लगाना है। इसके पूर्व अधिकारियों-कर्मचारियों को मोहल्ले-मोहल्ले सर्वे करना पड़ेगा, जिसके लिए छह महीने से समय नहीं निकाल पा रहे।
^हमारीओर से काम धीमा नहीं किया गया है। टंकियों में ऊपर के काम में ज्यादा मजदूरों की जरूरत नहीं लगती। लिफ्ट आदि तो है, बाल्टी से काम क्यों हो रहा था, देखता हूं। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का सर्वे भी नपा को दे दिया है। वे फाइनल करें, उस दिन से पाइप बिछाने लग जाएंगे।” आरके पाटील, प्रोजेक्टइंचार्ज निर्माता एजेंसी
खेड़ापति मंदिर वाली टंकी पर बाल्टी में क्रांक्रीट भरकर रस्सी से ऊपर पहुंचाया जा रहा है।
भास्कर संवाददाता | धार
दिलावराकापानी धार तक लाने की रफ्तार अघोषित रूप से धीमी कर दी गई है। निर्माणाधीन सात टंकियों पर दो-चार मजदूर काम कर रहे हैं। ऊंचाई पर कांक्रीट चढ़ाने के लिए लिफ्ट के बजाय बाल्टी का सहारा लिया जा रहा है। 2013 जून में योजना की शुरुआत में योजना को अपनी पहली प्राथमिकता बताने वाली नगर पालिका परिषद अब निर्धारित समयावधि गुजर जाने के बाद भी काम जल्द पूरा कराने में रुचि नहीं दिखा रही। शहरभर में बिछने वाली डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के लिए छह महीने पहले से पाइप आकर पड़े हैं। नगरपालिका को इन्हें बिछाने का स्थान तय करने की फुर्सत नहीं मिल रही।
धारेश्वरटंकी का 18 माह में स्थान तय नहीं
योजनाअंतर्गत कुल आठ टंकी बनना थीं, जिनमें से एक धारेश्वर टंकी का तो डेढ़ साल में स्थान ही तय नहीं हुआ है। सात टंकियां निर्माणाधीन हैं। इनमें खेड़ापति टंकी पर मंगलवार को छत पर कांक्रीट चढ़ाने का काम बाल्टी से किया जा रहा था। नौगांव और ऑफिसर कॉलोनी की टंकी पर निर्माण बंद है। सेंटिंग उतारने का काम चल रहा था। ईस्लामपुरा कॉलोनी में तो छत का काम भी नहीं हुआ है, बावजूद तीन मजदूर ही निर्माण कार्य में लगे दिखे। गौरतलब है जून 2013 में योजना पर काम शुरू करते वक्त नगर परिषद की पहली प्राथमिकता बताई गई थी। निर्माण के लिए सालभर की समय