- Hindi News
- बीज के मिटने पर ही जन्म लेता है वृक्ष : बारोट
बीज के मिटने पर ही जन्म लेता है वृक्ष : बारोट
बीज के मिटने पर ही जन्म लेता है वृक्ष : बारोट
धार|बीजके स्वयं के मिटने पर ही अगली संभावना के रूप में वृक्ष जन्म लेता है। उसी प्रकार राष्ट्र भक्ति के लिए भी स्वयं की आहुति आवश्यक है। यह बात पिनाकिन बारोट ने स्थानीय विवेकानंद केंद्र कन्या कुमारी शाखा धार में आयोजित विश्व बंधुत्व दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप कही। उन्होंने पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से कन्याकुमारी शिला स्मारक की कहानी तथा युवाओं की भागीदारी पर विचार रखे। मुख्य अतिथि कन्या महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. एसएन मंडलोई ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने की बात कही। विशेष अतिथि बाबूलाल चौहान ने एकनाथ रानाडे से संबंधित संस्मरण सुनाए। अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन भी किया। मंगलाचरण संगीता सेंदल ने किया। सामूहिक गीत राहुल शेरके ने लिया। एकनाथ वाणी का वाचन अंजनी कुमार ने किया।