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कलेक्टर ने फाइल मंगाई, बैंक ने थमाए नोटिस

7 वर्ष पहले
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गंजबासौदा। सहकारी बैंक की उदयपुर शाखा द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अपात्र लोगों को बिना आवास बनाए दिए ऋण मामले की फाइल कलेक्टर एमबी ओझा ने मंगाई है। मामले की जांच रिपोर्ट बैंक के महाप्रबंधक को मिलने के बाद संबंधित शाखा प्रबंधक राकेश राय और सुपरवाइजर सुरेंद्र खेमरिया को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना में ऋण गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद बैंक महाप्रबंधक ने दोनों कर्मचारियों का स्थानांतरण क्रमश: ठर्र और गुलाबगंज शाखाओं में कर दिया गया था। दैनिक भास्कर ने 18 सितंबर को यह मामला प्रकाशित किया उसके बाद से ही कार्रवाई प्रारंभ हुई।

रिपोर्ट से सिद्ध, गड़बड़ी हुई: बैंक महाप्रबंधक द्वारा नियुक्त किए गए तीन सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट में मामला गड़बड़ी का पाया गया है। इसके बाद बैंक ने उदयपुर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के बाद संबंधित कर्मचारियों से प्राप्त जवाब सही नहीं पाया गया तो उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की जाएगी।

बैंक प्रबंधक के रवैए से लगता है िक मामले को दबाया जा रहा है। जब जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की शिकायत सही पाई गई है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज कराया जा सकता है।

कलेक्टरने फाइल मंगाई : उदयपुर शाखा में मुख्यमंत्री आवास योजना मामले में गड़बड़ी की फाइल कलेक्टर ने तलब की है। कलेक्टर चाहते हैं ऐसे मामलों में कार्रवाई हो ताकि शासन की योजनाओं में अपात्र सेंध लगा सकें। यह तभी संभव है जब मामले में सही और प्रभावी कार्रवाई हो सके। सरकार गरीब किसानों ग्रामीणों के लिए योजनाएं बना रही हैं। लेकिन उनका फायदा अपात्र लोग उठा रहे हैं। पात्रों को योजना का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रभावी लोग पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

जारी किए हैं नोटिस : ''होसकता है कलेक्टर ने फाइल मांगी हो। इसका पता मुझे नहीं है। उदयपुर आवास ऋण मामले में जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो विभागीय जांच की जाएगी। विनयसिंह,एमडी केंद्रीय सहकारी बैंक विदिशा।

ऐसे बनती है सूची : मुख्यमंत्रीआवास योजना के तहत ऋण लेने के लिए जनपद में आवेदन देना पड़ता है। उसके साथ आय प्रमाण पत्र लगाना पड़ता है।