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4 साल बाद भी नहीं लगे पेड़

6 वर्ष पहले
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135 किलोमीटर लंबी है तीसरी लाइन

बीनासे भोपाल के बीच सूखी सेवनिया तक तीसरी रेलवे लाइन 135 किलोमीटर लंबी है। इसका कार्य चार साल से चल रहा था। इस साल मार्च आते- आते काम पूरा हो जाएगा। तीसरी लाइन बरेठ से गुलाबगंज और दीवानगंज से सूखी सेवनिया तक रनिंग ट्रैक से जुड़ गई। शेष जगह लाइन जोडऩे के कार्रवाई प्रस्तावित है। जहां- जहां लाइन रनिंग ट्रैक से जोडी जा चुकी है वहां रेलवे के अधिकार में चुकी है। इसकी देखरेख अब नियमित रुप से रेलवे को करना है। जहां नहीं जुड़ी है वहां अभी रेल विकास निगम की जिम्मेदारी है।

तीसरी लाइन के लिए काटे गए पेड़ों के स्थान पर रेलवे ने नही लगाए वायदे के अनुसार नए पेड़।

कार्यालय संवाददाता| गंजबासौदा

किएगए वायदे के मुताबिक चार साल बाद भी नहीं लगाए रेलवे ने पेड़, जबकि तीसरी लाइन का काम पूरा हो चुका है। रेलवे ने तीसरी लाइन डालने के लिए हजारों की तादाद में पेड़ काटे थे। इन पेड़ों को काटने के लिए रेलवे को इसी शर्त पर राजस्व विभाग ने अनुमति दी थी वह जितने पेड़ काटेगा उनके स्थान पर उतने ही पेड़ लगाएगा।

तीसरी रेलवे लाइन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। तीसरे ट्रैक को जोडऩे का कार्य टुकड़ों में शुरु हो चुका है। साठ किलो मीटर लंबा तीसरा ट्रैक जोड़ा जा चुका है लेकिन रेलवे द्वारा अब तक काटे गए पेड़ों के स्थान पर नए पेड़ लगाने कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। इस स्थिति के चलते पर्यावरण प्रभावित हो रहा है।

पौधेलगाने का वचन दिया है

पेड़काटने की अनुमति उसी शर्त पर तहसीलदार से मिलती है। जब काटे गए पेड़ों के स्थान पर दूसरे पौधे लगाने का लिखित वचन दिया जाता है। ओपीश्रीवास्तव, एसडीएम, गंजबासौदा।