बिजली लाइन सड़क पर गिरी
कार्यालय संवाददाता| गंजबासौदा
रविवाररात साढ़े नौ बजे फल से भरे एक ट्रक से टकराकर बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिरा। तार में प्रवाहित हो रहे करंट के कारण आसपास के लोग तथा व्यवसायी डेढ़ घंटे तक बाहर नहीं निकल पाए। उस रास्ते पर आवागमन भी रोक दिया गया। जब कंपनी के कर्मचारियों ने विद्युत प्रवाह बंद किया तब कही स्थिति सामान्य हो पाई। तार टूटने से शासकीय जनचिकित्सालय सहित मेला ग्राउंड के आधे हिस्से में अंधकार छाया रहा। अंधेरे के कारण मरीजों और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आएदिन टूट रहे हैं तार
व्यापारीआकाश श्रीवास्तव ने बताया शहर की सड़कों और गलियों में जगह-जगह बिजली की ५० साल पुरानी सप्लाई लाइन के झूलते हुए तार दिखाई देते हैं। तार आए दिन वाहनों के संपर्क में आने से या फिर ओवरलोड होने के कारण टूट कर सड़क पर गिर रहे हैं। इससे आए दिन किसी किसी फीडर पर बिजली सप्लाई तो बंद हो रही है, रात को टूटे तारों से उलझकर राहगीर दोपहिया चालक गिर रहे हैं। रोज हादसे हो रहे हैं लेकिन नगर के लोगों को सड़क और गलियों के झूलते तारों से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।
हादसेके बाद भागा ट्रक ड्राइवर
राहगीरराजकुमार जैन ने बताया कि इस घटना के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। दुकानदार करंट फैलने के डर से डेढ़ घंटे तक बाहर नहीं निकले। बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने जब सप्लाई को बंद कर सड़क पर गिरे तारों को हटाया उसके बाद ही व्यापारी कारोबार बंद करके जा सके। मेला ग्राउंड पर सप्लाई लाइन कई बार वाहनों की चपेट में आने से टूट चुकी है। हर बार टूटे तारों की मरम्मत कर उसे उसी हाल में लगा दिया जाता है। इससे लाइन दो चार दिन में किसी किसी वाहन में फिर उलझती है।बिजली सप्लाई बंद रहने के कारण शासकीय जन चिकित्सालय में मरीज परेशान रहे। अस्पताल में सूर्य ऊर्जा सप्लाई से वार्डों में रोशनी तो रही लेकिन पंखा बंद रहने से गरमी के कारण वार्ड में रहना मुश्किल हो गया। डेढ़ घंटे बाद जब सप्लाइ लाइन मरम्मत का कार्य पूरा हुआ। उसके बाद ही मरीजों अस्पताल कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
साढ़े नौ करोड़ की योजना से राहत नहीं
शहरमें साढ़े नौ करोड़ रुपए की लागत से बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार कार्य दो साल से चल रहा है, लेकिन योजना का लाभ शहर को नहीं मिल रहा है। काम इतनी धीमी गति से चल रहा है कि अब तक आधा भी नहीं ह