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फिर आए 8 कुपोषित बच्चे, 11 माह में 203 पर पहुंचा आंकड़ा
कार्यालय संवाददाता| गंजबासौदा
शासकीयजन चिकित्सालय में स्थापित पोषण पुनर्वास केन्द्र में फिर आठ बच्चों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इनका वजन औसत से कम पाया गया। एक अप्रैल 2014 से अब तक 11 महीनों में 203 बच्चे शासकीय जन चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराए जा चुके हैं।
पिछले साल भी करीब 225 कुपोषित बच्चे भर्ती कराए गए थे। अस्पताल के पोषण पुनर्वास केन्द्र में जो बच्चे भर्ती कराए गए उनमें वार्ड क्रमांक 15 निवासी करण 15 महीने का है। इसका वजन वर्तमान में 6 किलो 200 ग्राम है। जबकि उसका वजन 7 किलो 100 ग्राम होना चाहिए। इसी वार्ड की रागिनी 36 महीने की है। इसका वजन 9 किलो 500 ग्राम है। उसका वजन 10 किलो 900 ग्राम होना चाहिए।
रोहित 6 महीने का है उसका वजन 4 किलो 600 ग्राम है। जबकि उसका वजन 5 किलो 200 ग्राम होना चाहिए। देव कुशवाह 2 महीने का है। इसका वजन 2 किलो 200 ग्राम पाया गया। जबकि उसे 2 किलो 500 ग्राम का होना था। ग्राम सनाई की पूनम 24 महीने की है। उसका वजन 900 ग्राम कम है। इसी प्रकार बीलाढ़ाना की तनीषा अहिरवार 11 महीने की है। इसका वजन सामान्य से 700 ग्राम कम है। ग्राम सिरावदा का अमित अहिरवार 4 महीने का है। उसका वजन 500 ग्राम कम है। जबकि इसे 2 किलो 800 ग्राम का होना चाहिए था। इसी प्रकार ग्राम थनवाया की राधिका अहिरवार 23 महीने की हो चुकी है उसका वजन वर्तमान में 7 किलो 700 ग्राम है। जबकि उसका वजन 8 किलो 800 ग्राम होना चाहिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की लापरवाही के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण आहार सही ढंग से वितरित नहीं हो रहा। आधा ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिल पा रहा है। महिला बाल विकास अधिकारी बीके कविश्वर का कहना है कि इसी बात का सर्वे किया जाता है कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनको उपचार के लिए भर्ती कराया जाए।