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स्टेशन रोड से सीमेंट गायब धूल के गुबार बने मुसीबत

5 वर्ष पहले
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विभाग को भेजा है प्रस्ताव

4 साल पहले हुआ था सड़क निर्माण, अब लोग हो रहे परेशान

भास्कर संवाददाता|गंजबासौदा

रेलवे स्टेशन मार्ग पर धूल की समस्या बढ़ती जा रही है। चार साल से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। स्टेशन सड़क का सीसी व डामरीकरण 4 साल पहले कराया गया था। सड़क से सीमेंट की पर्त उखड़ गई है। सड़क पर सिर्फ काली गिट्टी दिखाई दे रही है। इसी प्रकार डामरीकरण कई स्थानों पर उखड़ चुका है। डामर का स्थान अब गड्ढों ने ले लिया है। सड़क पर जैसे ही वाहन तेजी से निकलते हैं धूल के गुबार उठने लगते हैं। सड़क निर्माण के बाद से अब तक एक बार भी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे पैदल चलना मुश्किल हाेता जा रहा है।

2011 में हुआ था सड़क का काम: रेलवे स्टेशन से लेकर सिरोंज चौराहे तक मुख्य सड़क का सीसीकरण व डामरीकरण सन् 2011 में पूरा हुआ था। इसका निर्माण सन् 2009 में स्वीकृत बासौदा- सिरोंज मार्ग के तहत कराया गया था। सिरोंज मार्ग की जैसी गुणवत्ता थी ठीक वैसी ही गुणवत्ता नगर के मुख्य मार्ग की है। ऐसा लगता है कि वर्षों से मार्ग का निर्माण हुआ ही नहीं। चार साल में गड्ढों को चूरी से भरने का कार्य किया गया लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई।

डेढ़ फीट ऊंचा है मार्ग
एडवोकेट विकास शर्मा ने बताया कि जय स्तंभ चौक से सिरोंज चौराहे तक अब सीसीकरण नहीं हो पाएगा। पुराने शहर में सीसीकरण के कारण मार्ग पहले ही डेढ़ फीट ऊंचा हो चुका है। फिर से सीसी होने पर सड़क दुकानों के समानांतर आ जाएगी। इसके कारण मार्ग पर सीसी नहीं हो पाएगी।

सड़क पर निकल आई गिट्टी
जयस्तंभ चौक से सिरोंज चौराहे तक सड़क का निर्माण सीमेंट कांक्रीट के तहत कराया गया है। सीसी के ऊपर से सीमेंट की परत उखड़ चुकी है। इससे गिट्टी ही गिट्टी नजर आ रही है। सीमेंट धूल बनकर उड़ रही है। वाहनों के दबाव से अब सड़क की गिट्टियां भी निकलना शुरू हो गई हैं। कई जगह तो बड़े- बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं।

स्टेशन तक डामरीकरण काम खस्ताहाल
राहुल पलोड़ ने बताया कि स्टेशन से जयस्तंभ चौक तक मुख्य मार्ग पर डामरीकरण है। इस हिस्से में पुराने ही डामरीकरण पर ही सील कोड किया गया था। स्टेशन से लेकर नेहरू चौक के बीच बड़े- बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे धूल उड़ने लगी है। वाहनों की आवाजाही से धूल थमती ही नहीं है। इससे दुकानदारों को व्यापार में समस्या आ रही है। दुकान के कर्मचारी काम कम सफाई ज्यादा करते हैं। धूल की समस्या से कपड़ा, बर्तन व खाद्य सामग्री बेचने वाले व्यापारी ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

पाराशरी पुल की हालत ज्यादा खराब
दवा विक्रेता सुनील जैन ने बताया पाराशरी नदी पर बने पुल के हालात सबसे ज्यादा खराब है। सड़क दोनों तरफ ऊंची है। पुल नीचा है। इससे बारिश के समय पुल तालाब में तब्दील हो जाता है। गर्मी में धूल का मैदान दिखाई देने लगता है। पुल के फर्श तल पर कराई गई सीसी, निर्माण के एक साल बाद ही उखड़ गई थी। अब पुल पर गड्ढे व धूल के अतिरिक्त कुछ नजर नहीं आता। इसकी मरम्मत के लिए व्यापारी भी मांग उठा चुके हैं।

रेलवे स्टेशन से सिरोंज तक मार्ग निर्माण का इस्टीमेट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। हृदेश आर्य, एसडीओ लोनिवि गंजबासौदा

छह साल से नही हुई मरम्मत गड्ढों में तब्दील मार्ग। वाहन चालक हो रहे परेशान।

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