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नए जनशिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में देरी से समितियों का कार्य प्रभावित

6 वर्ष पहले
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नए जनशिक्षकों की नियुक्तियों की प्रक्रिया में देर होने से कई शालाओं की प्रबंधन समितियों का कार्य प्रभावित हो रहा है। शाला प्रबंधन समितियों के अध्यक्षों ने कलेक्टर एमबी ओझा से जन शिक्षकों की नियुक्तियां करने की मांग की है।

शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष राजा अहिरवार ने बताया कि पुराने जनशिक्षकों की प्रति नियुक्ति के समय से भी एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है। फिर भी उनको अभी तक नहीं हटाया गया, जबकि नए जनशिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य शिक्षा केंद्र निर्देश जारी कर चुका है। समिति के सदस्यों का कहना है कि वर्तमान जनशिक्षक को हटने की जानकारी है। इसलिए वह शासकीय पत्रों के लेन देन में रूचि नहीं ले रहे हैं। इसके कारण अधिकांश शिक्षक पढ़ाई छोड़कर सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज जमा करने आ और जा रहे हैं।

जिला परियोजना कार्यालय दो महीने पहले नए जनशिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन जमा करा चुका है लेकिन नियुक्ति सूची जारी नहीं की गई। जेपी नरवरिया ने कलेक्टर से नए जनशिक्षकों की सूची जारी करने की मांग की है।

रोजगार सहायकों की सात दिनों से चल रही थी कलमबंद हड़ताल खत्म
गंजबासौदा। नियमितिकरण की मांग को लेकर मनरेगा संविदा अधिकारी, कर्मचारी एवं रोजगार सहायक पिछले सात दिनों से कलम बंद हड़ताल पर थे। 14 फरवरी को हड़ताल खत्म कर कर्मचारी काम पर वापस लौटे। कर्मचारी 8 फरवरी से जनपद परिसर में टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन पर बैठे थे। हड़ताल के चलते ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा था। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक रघुवंशी ने बताया कि नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदेश संघ के आव्हान पर आंदोलन किया था। पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा संघ की मांगों को जायज बताते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया है। इस आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म की गई।