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जल संसाधन विभाग के वायरमैन को 4 साल का कारावास
जलसंसाधन विभाग के वायरमैन को धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने 4 साल के कारावास तीन लाख के जुर्माना की सजा सुनाई। वायरमैन ने तीन साल पहले 4 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। फैसला एसीजीएम राकेश गाेयल की कोर्ट ने सुनाया।
2013 में जल संसाधन विभाग के वायरमैन रामप्रसाद पिता एपी बनर्जी निवासी कोटा गांधीसागर में पदस्थ थे। इसी दौरान झरन्या के संजयसिंह एवं कुलदीपसिंह से विभाग में क्लर्क की नौकरी दिलाने के लिए 1.25 लाख हजार रुपए, बर्राखेड़ी के राधेश्याम पिता कालू रावत से भी क्लर्क के लिए 75000 लिए थे। बर्ड़िया इस्तमुरार निवासी दुर्गाशंकर पिता रतनलाल से कारपेंटर के लिए 50 हजार और झरन्या के मनोहरसिंह से बेटे गोविंदसिंह को चपरासी बनाने के लिए 50 हजार लिए थे। आरोपी इन सभी से रुपए लेकर फरार हो गया था। जब ठगी के शिकार लोगाें ने विभाग से जानकारी निकाली तो किसी भी वैकेंसी की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद सभी ने मामला दर्ज कराया था।
पहले शिकार, फिर पुलिस को छकाता रहा रामप्रसाद
रामप्रसादने पहले धोखाधड़ी के शिकार लोगों को छकाया और फिर पुलिस को। वायरमैन बनर्जी ने 2011 में रुपए लिए थे। कुछ माह तक वह नौकरी लगने का झांसा देता रहा। जब लोगाें को लगा कि वे ठगी का शिकार हुए तो उन्होंने रुपए मांगना शुरू कर दिए। कुछ दिन रुपए वापस करने की बात कहता रहा। 18 फरवरी 2013 में एफआईआर हुई। बनर्जी को इसकी भनक लगते ही वह फरार हो गया। पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। 27 दिसंबर 2013 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। विभाग ने उसी समय उसे निलंबित कर दिया था।
धोखाधड़ी के शिकार झरन्या के दशरथसिंह चंद्रावत ने बताया बनर्जी ने पहले उनसे दोस्ती की। इसके बाद परिवार की पूरी जानकारी निकाली। जब उसे पता चला कि मेरे दो बेटे बेरोजगार हैं तो उसने कहा विभाग में एक वैकेंसी भोपाल से निकली है। अगर बिना किसी को बताए कागज और 50 हजार दे दो तो आगे बात बढ़ाएं। इसके बाद उसने तीन अन्य दोस्तों को भी ठग लिया।
दोस्त बनकर दिया धोखा