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11 साल बाद भी हड्‌डी के इलाज के संसाधन नहीं

7 वर्ष पहले
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सरकारी अस्पताल में 11 साल बाद भी हड्डी रोग के इलाज के संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाए। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।

यहसुविधा होना चाहिए- अस्पतालमें आर्थोपेडिक के मरीजों के लिए सीआर्म की आवश्यकता है, जो यूनिट एक्स-रे से अटैच हो। जिससे मरीज की हड्डी टूटने या चकनाचूर होने पर प्लेटिंग या नैलिंग की जा सके। साथ ही आर्थोपेडिक विभाग को इंस्ट्रूमेंट दिए जाएं ताकि इलाज हो सके। स्थिति यह है डिजिटल एक्स-रे मशीन तक नहीं है।

चालूहोते ही बंद हो गया सेंटर - अस्पतालप्रबंधन ने कुछ माह पहले ब्लड स्टोरेज सेंटर शुरू किय था। इसके लिए भानपुरा अस्पताल का फ्रिज मंगवाया था। मुश्किल से एक सप्ताह भी चालू नहीं रह सका और स्वास्थ्य विभाग ने फ्रिज वापस ले लिया। ऐसे में ब्लड स्टोरेज सेंटर बंद हो गया। इसे चलाने के लिए नगर के युवा रक्तदान के लिए भी तैयार हो गए थे।

हर बार लिखते हैं

^हरबार आर्थो के मरीजों की सुविधा के लिए लिखते हैं लेकिन अब तक संसाधन नहीं जुटाया जा सका। हम भी क्या कर सकते हैं। मजबूरी में पेशेंट्स को रैफर किया जाता है। डॉ.संजय शर्मा, अस्पतालप्रभारी

^ सीआर्म यूनिट तो बड़ी बात है, इसे शासनस्तर पर ही लगाया जा सकता है, लेकिन छोटे बड़े संसाधन तो राेगी कल्याण समिति से भी जुटाए जा सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन ऐसी व्यवस्था कर सकता है। डॉ.आर सी कुकड़े, बीएमओ