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चंबल से पानी लाने का रास्ता साफ

7 वर्ष पहले
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जल आवर्धन योजना में चंबल नदी का पानी गरोठ लाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यस्तरीय तकनीकी समिति ने इसे स्वीकृति दे दी है। 19 करोड़ की योजना का काम एक साल में पूरा होगा।

चंबल से पानी लाने की योजना दो साल से अटकी है। इसे पुणे की तेज कंस्ट्रक्शन कंपनी पूरा करेगी। कंपनी के कर्मचारियों ने सर्वे कर लिया है। 18 सितंबर को निर्माण कंपनी इसका अनुबंध कर काम शुरू कर देगी।

नगरमें भी डलेगी 26 किलोमीटर की पाइप लाइन-नई पेयजलवितरण व्यवस्था के तहत नगर में 26 किलोमीटर पाइप लाइन डलेगी। इससे पेयजल सप्लाई होगा। बोलिया रोड पर टंकी बनाई जाएगी। टंकी की जलभराव क्षमता 5.65 लाख लीटर होगी। इससे पूरे नगर को पानी दिया जाएगा।

जगहभी बदली- नगरपरिषद पहले खड़ावदा क्षेत्र के माेरटक्का डूंगरी से पानी लाने की योजना बनाई थी। निर्माण में अधिक खर्च की स्थिति में बर्रामा से पानी लाने का निर्णय हुअा। योजना अब तक पूरी हो जाती लेकिन योजना स्वीकृत होते ही इसका टेंडर भी लग गया था, किन्हीं कारणों से टेंडर रद्द हो गया। अब 2015 में इसका काम पूरा हो जाएगा।

सुवासरामें शुरू हुआ काम- सुवासरामें योजना के तहत धानड़ाखेड़ा स्थित चंबल नदी से पानी लाया जाएगा। इसका काम शुरू हो गया है। सीएमओ राजकुमार ठाकुर ने बताया काम शुरू हो गया है। इस पर 18 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

बर्रामा स्थिति चंबल। यहां से गरोठ पानी लाया जाएगा। फोटो भास्कर

^लगभग सभी काम पूरा हो चुका है। आचार संहिता से पहले ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा। 18 सितंबर को अनुबंध होने के बाद निर्माण कंपनी काम करेगी। अरविंदगंगराड़े, सबइंजीनियर, नगर परिषद

नहीं आएगी परेशानी

{ बर्रामा में नदी के अंदर इंटक वेल का निर्माण।

{ पंपिंग स्टेशन बनेगा।

{ फुट ब्रिज या एप्रोच ब्रिज बनेगा।

{ 25 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बनाकर पानी गरोठ लाया जाएगा।

{ ग्रामीण या शहरी लाइन फीडर से इलेक्ट्रीक लाइन ली जाएगी।

{ नगर परिषद के टंकी परिसर में ही नया फिल्टर प्लांट बनेगा।

{ नगर में डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन।

{ नगर में साढ़े पांच लाख लीटर का टैंक बनेगा।

यह होगा याेजना के तहत