नए नियम के विरोध में प्रतिष्ठान रखे बंद
खाद, बीज, कीटनाशक दवा दुकान संचालित करने के लिए डिग्री अनिवार्य करने के नए नियम के विरोध में मंदसौर में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। नए नियम के विरोध में वाहन रैली निकालकर प्रधानमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
प्रदेश के खाद, बीज एसोसिएशन के बंद के आव्हान पर मंगलवार को मंदसौर में दोपहर 1 बजे जिले के व्यापारी उत्सव गार्डन रामटेकरी पर एकत्रित हुए। जिला बीज, कीटनाशक विक्रेता संघ अध्यक्ष राकेश जैन, खाद विक्रेता संघ अध्यक्ष पीयूष जैन ने बताया सभा में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिपानी सहित व्यापारियों ने विचार रखे। दोपहर 2.30 बजे के लगभग वाहन रैली शुरू हुई जो 3.15 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंची। एसडीएम श्रवणकुमार भंडारी को प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री, क्षेत्रीय सांसद, कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।
यह रहे मौजूद-खाद, बीज व कीटनाशक विक्रेताओं द्वारा निकाली रैली में विमल अग्रवाल, संदीप श्रीमाल, लक्ष्मण मेघनानी, नवीन सोमानी, सूरज गुप्ता, मनीष परमार, मुकेश धनोतिया, नवीन जैन, अनिल सुराणा, अभिषेक कुमठ, रवि जैन, मनीष जैन सहित अन्य मौजूद थे। ज्ञापन में चेतावनी दी व्यापार विरोधी नियमों का लगातार विरोध होगा। प्रदर्शन, बंद सहित जेल भरो आंदोलन की योजना बनेगी।
ये है विरोध का कारण
दो साल में पूर्व लायसेंसधारी को नए नियम के मुताबिक कृषि स्नातक, जैव, रसायन, प्राणी, जीवन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान स्नातक कर्मचारी रखने या स्वयं के स्नातक होने की अनिवार्यता अव्यवहारिक।
अनुभवी व्यापारी के लिए डिग्री प्राप्त करना और डिग्रीधारी कर्मचारी रखना प्रतिष्ठानों को बंद करने का अघोषित फरमान। डिग्रीधारी को रखने पर संस्थान पर 12 से 15 हजार माह का आर्थिक बोझा बढ़ेगा।
लाइसेंस जांच के नाम पर भ्रष्टाचार बढ़ेगा। छोटे कस्बों में स्नातक नहीं मिलेंगे। मजबूरन किसानों को तहसील या जिला मुख्यालय तक कृषि आदान लेने आना पड़ेगा।
पेचीदा नियमों के कारण कृषि आदान का करोड़ों का कारोबार चरमराएगा। 90 प्रतिशत दुकानें बंद हो जाएगी।
ये है खाद, कीटनाशक दवा व्यापार की स्थिति
मंदसौर में 200, जिले में 1200 कारोबारी
मंदसौर नगर में 35 खाद लाइसेंस, 700 कीटनाशक लाइसेंस
जिले में 450 खाद लाइसेंस, 2 हजार कीटनाशक लाइसेंस
रोज का जिले में कारोबार 1 करोड़ रुपए
रैली शुरू करने से पहले गांधी चौराहे पर नारेबाजी करते खाद बीज विक्रेता।