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गांधीसागर के 65 साल पुराने हेलीपेड पर उगीं झाड़ियां, सुरक्षा दीवार के पत्थर उठा ले गए लोग

भास्कर संवाददाता | भानपुरा/गांधीसागर रावतभाटा रोड गांधीसागर-3 में करीब 65 साल पहले बने हेलीपेड पर रखरखाव के अभाव...

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2018, 09:40 AM IST
भास्कर संवाददाता | भानपुरा/गांधीसागर

रावतभाटा रोड गांधीसागर-3 में करीब 65 साल पहले बने हेलीपेड पर रखरखाव के अभाव में चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं। अब तो इसकी सुरक्षा में भी सेंध लग गई है। हेलीपेड की सुरक्षा के लिए बनी पत्थरों की दीवार के पत्थर गायब होने लगे, पहले लोग भरकर ले गए। अब तीन दिनों से वनविभाग स्वयं दीवार के पत्थरों को निकालकर राजस्थान की सीमा पर दीवार बनाने के लिए ले जा रहा है। इसके लिए तीन दिन से 8 से 10 ट्रैक्टर-ट्राली लगे हैं। पहले जब वन विभाग के अधिकारियों से पूछा तो गोलमाल जवाब देते रहे। बाद में राजस्थान सीमा पर दीवार बनाने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि पत्थर की आवश्यकता के कारण ले जा रहे है। उक्त हेलिपेड की सुरक्षा दीवार को ध्वस्त करने की बजाय विभाग यदि मरम्मत करवाते तो फरवरी में आयोजित होने वाले जल महाेत्सव में उपयोगी साबित हो सकता है।

गांधीसागर क्षेत्र में निर्मित बांध का लोकार्पण तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। तब वे हेलिकाॅप्टर से गांधीसागर आए थे, उसी दौरान गांधीसागर क्षेत्र-3 में रावतभाटा रोड के समीप वन क्षेत्र में जलसंसाधन विभाग ने हेलीपेड का निर्माण करवाया था। कुछ समय तक यह उपयोग में आता रहा। फिर किसी ने ध्यान नहीं दिया। बावजूद इतनी मजबूती है कि कुछ सुधार के बाद यह उपयोगी हाे सकता है। वन विभाग और जलसंसाधन विभाग की अनदेखी के कारण हेलीपेड की सुरक्षा के लिए बनी पत्थरों की दीवार ध्वस्त हो रही है। यह करीब साढ़े तीन किमी लंबी और साढ़े तीन फीट ऊंची बनी थी। पहले चोरी-छिपे लोग पत्थर निकालकर ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों और लोगों की माने तो तीन दिन से 8 से 10 ट्रैक्टर-ट्राॅली दीवार को ध्वस्त कर पत्थर ले जाने में लगे हैं। इन तीन दिन में करीब पौने दो किमी लंबी दीवार के पत्थर गायब हो गए हैं। जब इसकी भनक लोगों की लगी तो पहले तो रेंजर आर.के. कारपेंटर गोलमाल जवाब देते रहे। बाद में व्यस्तता बताकर बात करने से बचते रहे। इसी प्रकार जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता भी अनभिज्ञ बने रहे। मौके पर जब वनपाल पुष्पेंद्रसिंह चुंडावत से चर्चा की तो बताया कि दीवार के पत्थर राजस्थान सीमा पर वन क्षेत्र कम्पाउंड नंबर-109 पर सुरक्षा दीवार में उपयोग के लिए ले जा रहे हैं।

हेलीपेड जहां सुरक्षा दीवार के पत्थर ट्राॅली में भरकर ले जाते लोग।

क्षेत्र के जनसंघ से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद विमलकुमार चौरड़िया ने बताया यह हेलीपेड बांध निर्माण के दौरान बना होकर काफी मजबूत हैं। इस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू हेलिकाॅप्टर से उतरे थे। यह क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक धरोहर है, इसमें सुधार कर उपयोगी बनाया जा सकता हैं।

राजस्थान सीमा पर 1200 मीटर लंबी दीवार

गांधीसागर अभयारण्य वन विभाग द्वारा राजस्थान सीमा पर वन क्षेत्र कम्पाउंड नंबर-109 पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कर रहा है। वनपाल चुंडावत ने बताया करीब 1200 मीटर लंबी बाउंड्री बनाई जा रही है।

एेसा कैसे कर सकते हैं



मेरी जानकारी में नहीं है


जल महोत्सव में उपयोगी

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