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पटवारी के खिलाफ आठ साल बाद दर्ज हो पाई एफआईआर
अब पटवारी एवं अन्य की गिरफ्तारी नहीं हो रही
कार्यालयसंवाददाता|गुना
शासकीयजमीन में हेराफेरी करने के मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। फरियादी का कहना है कि 8 साल से वह इस घोटाले के खिलाफ शिकायत कर रहे थे। अब जाकर एफआईआर हुई, लेकिन पूर्व पटवारी सहित अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आवेदक ने मांग की आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
तलैया मोहल्ला निवासी इदरीश खान की शिकायत पर तत्कालीन कलेक्टर संदीप यादव ने 22 अप्रैल 2013 को आदेश जारी किया था इसमें बमोरी तहसील के बनियानी के पूर्व पटवारी विजय सिंह जादौन एवं बनयानी निवासी कल्लू गुर्जर एवं एवं उसके पिता राम किसन पर धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज करने को कहा था। कलेक्टर के आदेश की फाइल पूरे 18 माह तक पड़ी रही। फतेहगढ़ पुलिस को कार्रवाई करनी थी। लेकिन फतेहगढ़ पुलिस ने मामला बमोरी थाना का होना बता दिया। इस वजह से दोनों थाना सीमा में मामला उलझ गया।
181पर की थी शिकायत
फरियादीने कलेक्टर के आदेश का पालन किए जाने की सूचना हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई। इसके बाद सीधे बमोरी पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की।
अबगिरफ्तारी नहीं हो रही
4सितंबर को आरोपियों के खिलाफ बमोरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। फरियादी ने बताया कि आरोपियों ने अग्रिम जमानत का आवेदन दिया था। इसे खारिज कर दिया है। फरियादी के मुताबिक आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो रही है।
क्या था मामला
बमोरीतहसील की ग्राम पंचायत विष्णुपुरा के ग्राम बनयानी में पूर्व पटवारी विजय सिंह जादौन से मिलकर रामकिशन गुर्जर उसके परिजनों ने जमीन पर कब्जा कर लिया। उन्होंने शासकीय जमीन पर अपना नाम दर्ज करा दिया था। इस मामले की शिकायत वर्ष 2005 में की थी। पूरे पांच साल बाद अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। यह रिपोर्ट कलेक्ट्रेट में दबा दी गई। फरियादी ने पूरे मामला तत्कालीन कलेक्टर संदीप यादव के सामने रखा। उन्होंने तुरंत एफआईआर के निर्देश दिए थे। लापरवाही बरतने वाले रीडर को भी निलंबित कर दिया था।