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लोक अदालत में रजामंदी से निपटे हजारों मामले

7 वर्ष पहले
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पक्षकारों को हुए यह फायदे

जिला मुख्यालय पर 27 खंडपीठों ने की मामलों की सुनवाई

कार्यालयसंवाददाता | गुना

नेशनललोक अदालत में पक्षकारों की रजामंदी से जिलेभर में हजारों मामलों में सुलह कराकर निराकरण कराया। शनिवार को आयोजित हुए नेशनल लोक अदालत के लिए जिला मुख्यालय पर तमाम प्रकरणों की सुनवाई के 27 खंडपीठ गठित की गई थी। खंडपीठों ने मामलों की सुनवाई करते हुए पक्षकारों की रजामंदी से हजारों मामलों का निबटारा किया। जिला न्यायालय परिसर में हुई सुनवाई के दौरान बड़े स्तर पर विभिन्न संस्थाओं और सरकारी विभागों से जुड़े प्रकरणों का निराकरण किया गया। अदालत में राजीनामे के बाद पक्षकारों को एक- एक पौधे भी दिए गए। जिला स्तरीय अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुना के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. मोहम्मद शमीम सहित जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीशों के अलावा कई अधिकारी मामलों की सुनवाई के लिए खंडपीठों में बैठे हुए थे।

सुलहके गवाह बने पौधे

अदालतमें जिन प्रकरणों का निराकरण कराया गया है, उनके पक्षकारों को मामले के गवाह के तौर पर एक- एक पौधे दिए गए। पक्षकारों से कहा गया है इन छायादार और फलदार पौधों को सुलह के प्रतीक मानकर रोपे।

येप्रकरण निबटाए गए

अदालतके दौरान आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम मोटर दुर्घटना दावा, प्रीलिटिगेशन प्रकरण, निगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट के तहत चेक बाउंस प्रकरण, उपभोक्ता फोरम, वैवाहिक मामले, ग्राम न्यायालय, राजस्व न्यायालय, भू- अर्जन प्रकरण, नगर पालिका संपत्ति कर प्रकरण, समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग, सहकारिता/बैंक, मोबाइल कंपनियों/टेलीफोन बिल के प्रकरणों में आपसी सुलह समझौते पर आधार पर राजीनामे कराए गए।

राघौगढ़में सुलझाए गए 12 हजार मामले

राघौगढ़| स्थानीयन्यायालय में लगी लोक अदालत में आधा दर्जन खंडपीठों ने विभिन्न विभागों सहित न्यायालय में विचाराधीन 12 हजार से ज्यादा प्रकरणों का पक्षकारों की आपसी रजामंदी से निराकरण कराया गया। न्यायालय परिसर में अदालत के दौरान 10 हजार 834 प्रकरण विभिन्न विभागों के, 1304 बैंकों के, 12 चेक बाउंस के और 2 प्रकरण भरण एवं पोषण के मामलों का निराकरण किया गया। सुनवाई न्यायाधीश पीएस कैमेथिया, न्यायाधीश रविंद्र गुप्ता, एसडीओपी प्रियंका डुंडवे, नायब तहसीलदार गौरीशंकर बैरवा, एडीपीओ सुमनलता वर्मा आदि की खंडपीठ ने की। इसम