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फिर लगने लगी नंबर प्लेट

7 वर्ष पहले
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सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

कंपनी को तीन माह की मोहलत, नहीं सुधरी तो होगी कार्रवाई

वाहनोंमें हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट (एचएसपी) लगाने का काम एक बार फिर विवादों में घिरी लिंक उत्सव कंपनी के हाथ में गया है। जून में उसका टेंडर निरस्त किया गया था, लेकिन कंपनी ने शासन के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया। हालांकि कोर्ट ने तीन माह की मोहलत दी है, इस अवधि में कंपनी का कामकाज संतोषजनक नहीं रहा तो शासन नए सिरे से उसकी जांच करेगी।

15 सितंबर को हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच ने शासन को निर्देश दिए हैं कि वह कंपनी को नया डाटा उपलब्ध कराए। दूसरी ओर कंपनी को शासन द्वारा मिले नोटिस का जवाब देने के लिए एक माह का वक्त दिया गया है। गुना में कंपनी ने चार- पांच दिन पहले ही काम शुरू किया है। फिलहाल उसे उन्हीं वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने के निर्देश है, जिनका रजिस्ट्रेशन 15 सितंबर के बाद हुआ है। इससे पहले के रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर नंबर प्लेट लगाना लगाना वैकिल्पिक रहेगा।

कानूनी दांव-पेंच

} अप्रैल 2012 में कंपनी ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू किया था।

} कंपनी को सभी नए- पुराने वाहनों में नंबर प्लेट लगाना थी, लेकिन जून 2014 तक वह 25 फीसदी काम ही निबटा पाई।

} कई शिकायतें सामने आने के बाद जून 2014 में शासन ने कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया।

} कंपनी ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अगस्त में कोर्ट का फैसला कंपनी के पक्ष में आया।

} फैसले के बाद विभाग ने कंपनी को 10 बिंदुओं पर नोटिस दिया और काम के लिए डेटा उपलब्ध नहीं कराया।

} इसे लेकर कंपनी फिर अदालत गई और वहां से उसे पुन: राहत मिली। 15 सितंबर को उसने स्टे हासिल कर लिया।

} कंपनी को शासन द्वारा दिए गए नोटिस का जवाब एक माह में देना है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुए तो भी ठेका निरस्त हो सकता है। यानि लिंक उत्सव के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी।

पांच हजार वाहनों पर नहीं लगी प्लेट

कंपनीने 11 जून के बाद काम नहीं किया था। एक अनुमान के मुताबिक उसके बाद 15 सितंबर तक तकरीबन 5 हजार वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इस दौरान वाहनों को बाजार से नंबर प्लेट लगाने की छूट मिल गई थी। साथ ही सॉफ्टवेयर में भी नंबर प्लेट के लिए फीस काटकर रसीद जारी करने का क्लॉज खत्म कर दिया गया था। अब कंपनी द्वासरा काम