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पूर्व सीईओ, मैनेजर सहित आधा दर्जन को नोटिस

7 वर्ष पहले
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स्वर्णजयंती रोजगार योजना के तहत वर्ष 06-07 में सामने आई अनियमितताओं के मामले में हाईकोर्ट ने आधा दर्जन से ज्यादा अिधकारियों एवं अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ता सावित्री प|ी लालाराम चिढ़ार के वकील विवेक जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस मामले में 27 अक्टूबर को जवाब तलब किया है। जिन लोगों को नोटिस जारी हुए उनमें कलेक्टर, पूर्व जनपद सीईओ आरएन गुप्ता, पशु चिकित्सक डॉ. आरएस सिकरवार, तत्कालीन पीओ वीएस मीना, यूनियन बैंक के तत्कालीन मैनेजर वायएस ठाकुर, ठेकेदार इशाक खान आदि शामिल हैं। इनमें से पूर्व सीईओ, पशु चिकित्सक ठेकेदार के खिलाफ पहले से ही लोअर कोर्ट में मामला चल रहा है। याचिकाकर्ता ने बैंक मैनेजर, पीओ कुक्कुट विकास निगम के तत्कालीन मैनेजर के िखलाफ भी मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए हाईकोर्ट में अपील की है।

क्याहै मामला -

रोजगारयोजना के तहत याचिकाकर्ता ने भैंस लेने के लिए आवेदन किया था। बदले में उसे बीमार और बेकार किस्म के मवेशी उपलब्ध करा दिए गए। यही नहीं बीमार पशुओं को जब वापस लेने के लिए आवेदन लगाया गया तो संबंधित विभाग द्वारा स्वस्थ्य पशुओं को ले जाया गया। जबकि बीमार वहीं छोड़ दिए गए। इस तरह के कई मामले उस दौरान सामने आए थे। हालांकि कोर्ट में फिलहाल एक ही मामला पहुंचहै।

सूचना अिधकार : तारीख बदलकर लगवाए चक्कर

जिलापंचायत में सूचना अिधकारी के तहत लगाए गए एक आवेदन की तारीखों में ही बदलाव कर दिया गया। आवेदक चार माह तक जानकारी लेने के लिए भटकता रहा। रैंझाई पंचायत के हल्केराम अिहरवार ने पंचायत सचिव के खिलाफ हुई जांच के दस्तावेज मांगे थे। उसने 27 जून को व्यक्तिगत रूप से आवेदन दिया था, लेकिन जिला पंचायत ने उसे 28 जून की तारीख में रिसीव किया। यही नहीं िजपं के लोक सूचना अिधकारी ने 16 सितंबर को उक्त आवेदन को जनपद पंचायत भेज दिया। जबकि मांगी गई जानकारी जिपं में ही थी, क्योंकि जांच उसी के द्वारा ही कराई गई थी।

जूनकी जगह अगस्त की तारीख

आवेदनको जनपद पंचायत में अंतरित करते वक्त भी प्रपत्र में तारीख बदली गई। प्रपत्र में बताया गया कि आवेदन 28 अगस्त् 2014 को मिला। इसके जवाब में जनपद ने 24 सितंबर को जिपं के लोक सूचना अिधकारी को पत्र भेजा कि उक्त जानकारी तो जिला पंचायत में ही है। पूरे मामले में अब आवेदक ने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर को आवेदन द