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कैंट डिस्पेंसरी को मिलेगा पीएचसी का दर्जा

7 वर्ष पहले
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गांवोंकी तरह अब शहर में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोले जाएंगे। इसमें कैंट की डिस्पेंसरी भी शामिल होगी, जिसे पीएचसी का दर्जा दिया जाएगा।

ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के बाद अब शहरी स्वास्थ्य मिशन पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत जहां जरूरत होंगी वहां स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे। इन केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ भी मौजूद रहेगा। जिले में 2 अक्टूबर से इस मिशन पर काम शुरू होना है। इस वजह से लोगों में जागरूकता भी फैलाई जा रही है। ताकि वह यह समझ सकें कि अब उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्य केंद्र खुलेगा। इस व्यवस्था से लोग झोलाछाप डॉक्टर के झांसे में आने से भी बचेंगे। क्योंकि उन्हें मुफ्त में इलाज मिलेगा और जिला अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।

यहरहेगा स्टाफ : इनपीएससी पर एक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के अलावा अन्य कर्मचारी रखे जाएंगे। एक केंद्र पर 6 का अमला रहेगा। सिविल सर्जन को इन पदों पर भर्ती के अधिकार दिए गए हैं।

क्याहोगा लाभ : शहरीपीएससी से लोगों को घर, मोहल्ले, कालोनी एवं वार्ड के पास ही उपचार की सुविधा रहेगी। जिला अस्पताल आने से बचने के लिए लोग झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करा लेते हैं। पीएसपी खुलने से उन्हें नजदीक में ही इलाज मिलेगा। रात में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

किराए के भवन में चलेंगी पीएचसी

इसमिशन के तहत कैंट डिस्पेंसरी को शहरी पीएसपी का दर्जा दिया जाएगा। पहले चरण में यहां पर उपचार की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। पूरे शहर को कवर करने के लिए तीन और पीएससी खोली जाएंगी। पीएससी के लिए भवन किराए से लिए जाएंगे।

2 अक्टूबर से लागू होगा मिशन

^शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत लोगों को मुफ्त उपचार मिलेगा। शहर में चार जगह पीएससी खुलेंगी। 2 अक्टूबर से मिशन के तहत काम शुरू हो जाएगा। कैंट डिस्पेंसरी को पीएसपी का दर्जा दिया जा रहा है। वायएसरघुवंशी, सिविलसर्जन