िवजिलेंस टीम ने शुरू की खातों की पड़ताल
कार्यालय संवाददाता|गुना/कुंभराज
स्टेटबैंक ऑफ इंडिया की कुंभराज शाखा में सामने आए घपले की जांच के लिए अब विजिलेंस की टीम भी पहुंच गई है। अहमदाबाद से आई टीम के अधिकारियों ने खातों की पड़ताल शुरू कर दी है।
बुधबार को कुंभराज पहुंची टीम ने सुबह से ही जांच पड़ताल शुरू कर दी। वे देर रात तक बैंक में मौजूद रहे और एक-एक खाते की डिटेल और उसके लेन-देन संबंधी तमाम दस्तावेजों का खंगालते रहे। फिलहाल अिधकारी यह नहीं बता रहे हैं कि आखिर इस मामले में कितनी गड़बड़ी अब तक सामने आई है। हालांकि पूर्व में आईं ग्वालियर भोपाल की टीमों ने कम से कम पांच और खातों में हुई लेन-देन को संदिग्ध माना था।
क्लर्कपर केस नहीं
इसमामले में बैंक के क्लर्क विवेक सूद को मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। उसे सस्पेंड तो कर दिया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। विजलेंस के अिधकारियों से भी जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जब तक खातों की पूरी जांच नहीं हो जाती तब तक केस दर्ज करने की कार्रवाई नहीं होगी।
कैसेहुआ खुलासा
घपलेका खुलासा 4 फरवरी को तब हुआ, जब कुंभराज के व्यापारी देवकीनंदन कासट अपने खाते के बैलेंस की जानकारी ले रहे थे। उन्होंने पाया कि उनके खाते से 66 लाख रुपए गायब हैं। जांच पड़ताल के बाद बैंक का क्लर्क विवेक सूद शक के दायरे में गया। मामले की गहराई से जांच शुरू की गई तो पांच और खातों में लाखों की हेरफेर सामने गई। अब विजलेंस टीम ने पूरे मामले को बारीकी से देखना शुरू कर दिया है।
करोड़ोंकी गड़बड़ी!
इसमामले में करोड़ों की गड़बड़ी सामने सकती है। इसके अलावा यह भी सवाल उठ रहा है कि अकेले एक क्लर्क ने पूरी हेराफेरी कैसे कर दी? क्या कोई बाहरी व्यक्ति भी इस पूरे मामले मेंे कहीं से लिप्त था? विजलेंस टीम इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने की कोशिश कर रही है। इस विवाद के सामने आने के बाद से बैंक के तमाम खाताधारकों को भी अपने-अपने खातों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कुंभराज शाखा में हुई गड़बड़ी से बैंक की साख को धक्का पहुंचा है।
^फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। हम एक-एक खाते की जांच कर रहे हैं। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मोहनन,चीफ विजलेंस ऑफिसर, अहमदाबाद