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इस बार वाटर लेवल कम गिरा नहीं होगी पानी की परेशानी

6 वर्ष पहले
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सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों से पानी खींचने से हर साल 40 से 50 फीट तक नीचे चला जाता था भू-जल स्तर

कार्यालयसंवाददाता|गुना

इसबार गर्मियों के दिनों में लोगों को पेयजल संकट के लिए बहुत ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। मावठे की बारिश से जिले का औसतन भू- जल स्तर गिरने से बच गया है।

दरअसल हर साल रबी सीजन के दौरान खेतों में सिंचाई के लिए कृषि पंप चलने से वाटर लेवल गिरता था। लेकिन इस बार बीती दिसंबर महीने से हर दो सप्ताह में मावठे की बारिश हो रही है। ऐसे में किसानों को फसलों की सिंचाई के पंप चलाने की जरूरत नहीं पड़ी।

यही वजह है कि अभी भी भू- जल स्तर काफी ऊपर बना हुआ है। जबकि आमतौर पर हर साल की जब रबी सीजन की फसलों की सिंचाई आरंभ होती थी तो जिले का भू- जल स्तर 40 से 50 फीट तक गिर जाता था। ऐसे में जिले के कई क्षेत्रों में फरवरी की शुरुआत में ही हैंडपंपों से पानी आना कम हो जाता था। जबकि कई बंद होने लगते थे।

इसबार स्थिति बेहतर

लेकिनइस बार मावठे की बारिश से स्थिति बेहतर बनी हुई है। मौजूदा वक्त (11 फरवरी 2015 तक) में जिले का औसतन भू- जल स्तर 53 से 55 मीटर यानी 180 से 190 फीट के तकरीबन बताया जाता है। जबकि पिछले साल फरवरी के दूसरे सप्ताह में भू- जल स्तर आश्चर्य जनक तरीके से 250 से 290 फीट तक पहुंच गया था। ऐसे में पीएचई के अधिकारी आने वाले गर्मियों के दिनों में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या कम रहने की बात कह रहे हैं।