अब आएगी छानबीन में तेजी
गुना में पहली गिरफ्तारी, भोपाल से आए थे अिधकारी
कार्यालयसंवाददाता|गुना
व्यापमंघोटाला मामले में गुना में पहली कार्रवाई के बाद अब और बड़े खुलासे की उम्मीद जागी है। एसटीएफ ने चांचौड़ा जेल के प्रहरी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद 5 साल से दबे मामले भी सुर्खियों में गए हैं। एसटीएफ का कहना है कि गुना में 21 आरोपियों पर मामला दर्ज हुआ था। इन सभी में छानबीन जिला स्तर पर चल रही है।
भोपाल से गुना आई एसटीएफ ने यह कार्रवाई की। सोमवार दोपहर बाद ही टीम गुना गई थी। वह सीधे चांचौड़ा पहुंची। इस कार्रवाई की चांचौड़ा पुलिस को भी जानकारी नहीं दी गई। सब कुछ बेहद गोपनीय ढंग से किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने पूरी स्थिति साफ की। एएसपी एसटीएफ कमल सिंह मौर्य ने बताया कि मुरैना जिले के ग्राम जोहरा निवासी प्रदीप पुत्र विजय सिंह रावत को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने 3 जून 2012 को व्यापमं की मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इसने अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बिठाया था। इसमें लाखों रुपए का लेनदेन हुआ था। परीक्षा में पास करने के बाद आरोपी को जेल प्रहरी की नौकरी मिली थी। वह वर्तमान में चांचौड़ा जेल में पदस्थ था।
जांचमें हुआ था खुलासा
एसटीएफने बताया कि व्यापमं घोटाले की जांच में यह बात सामने आई थी कि प्रदीप ने भी घोटाले मामले से जुड़े अन्य आरोपियों से संपर्क साधा था। इसके बाद उसने नौकरी प्राप्त की। एसटीएफ उस व्यक्ति की भी जानकारी जुटा रही है। जिसने आरोपी की जगह बैठकर परीक्षा दी थी।
डीएड फर्जीवाड़े की नहीं खुलीं परतें
डीएडकी फर्जीमार्कशीट लगाकर संविदा शिक्षक बने शिक्षकों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिले में 8 मामले सामने आए थे। इनकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। लेकिन चुनावों की वजह से मामला ठण्डे बस्ते में चला गया था। जो अब तक जांच में नहीं आया है।
संविदा शिक्षकों के मामले में अब तक जिले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि इस घोटाले से जुड़े अहम सबूत भी सामने चुके हैं। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई थी, लेकिन विधानसभा चुनावों के बहाने इसे भंग कर दिया गया। तब से अब तक जांच अधर में है।
पांच मामले
गुनामें व्यापमं घोटाले से जुड़े पांच मामले में छानबीन चल रही है। वर्ष 2009 से लेकर 2014 के बीच फर्जी प