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228 ग्राम पंचायतें डकार गई स्कूल भवन निर्माण की राशि
नियम में पेच बना मुसीबत
80 पुराने मामलों पर फैसला नहीं, अब 148 और न्यायालय भेजने की तैयारी
विभाग ऐसे 228 ग्राम पंचायतों से राशि वसूली के लिए करने जा रहा कोर्ट कार्रवाई
वीरेंद्रजोशी | गुना
सर्वशिक्षा अभियान को शुरू हुए भले ही 13 साल हो गए हैं, लेकिन इसके तहत बनने वाले स्कूल भवनों का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। अभियान के तहत वर्ष 2007- 08 से अभी तक जिले के विभिन्न ब्लॉकों में निर्मित कराए जा रहे 846 स्कूलों के भवनों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अभियान के तहत वर्ष 2007-08 से जिले में कुल 2 हजार 968 स्कूलों के लिए भवन मंजूर हुए थे, जिनमें से अभी तक सिर्फ 2 हजार 270 भवनों का ही काम पूरा हो सका है। जबकि 846 बिल्डिंगों का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। हैरानी की बात तो यह है कि भले ही भवनों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इनके लिए आई राशि संबंधित निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायतों द्वारा आहरण कर ली गई है। सर्व शिक्षा अभियान के मुताबिक जिले में 228 ऐसे स्कूल भवन है जिनकी पंचायतों ने पूरी राशि निकाल ली है, लेकिन काम हुआ ही नहीं है। अभी तक तो संबंधितों पर राशि की वसूली हो सकी है और ही उनके खिलाफ कार्रवाई ही तय हो सकी है। हालांकि अब विभाग इसके खिलाफ वसूली के लिए कोर्ट कार्रवाई करने जा रहा है।
उनकीलापरवाही का खामियाजा भुगत रहे छात्र
स्कूलभवनों का निर्माण कार्य पूरा करने में भले ही बरती जा रही कोताही पर जिम्मेदारों द्वारा भी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसका खामियाजा अधूरे स्कूलों के छात्र- छात्राओं को कम बैठक व्यवस्था के चलते उठाना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि छात्र छात्राओं को खुले में पेड़ के नीचे या फिर किसी दालान में लगने वाली कक्षाओं में पढ़ाई करने के तौर पर उठना पड़ रहा है। वहीं कई जिन शालाओं में भीतर ही कक्षाएं लग रही है उनमें छात्र- छात्राओं को बेहद कम जगह में ठसाठस होकर बैठना पड़ रहा है। इससे उन्हें दिक्कतें हो रही है।
प्राथमिक,माध्यमिक, अतिरिक्त कक्षों का अटका है निर्माण
योजनाके तहत निर्मित होने वाले जिन भवनों का काम अटका हुआ है उनमें जिले के सभी पांचों ब्लॉकों में स्थित विभिन्न प्राइमरी, मिडिल स्कूलों की बिल्डिंगों के अलावा अतिरिक्त कक्ष और संस्था प्रमुखों के कक्ष शामिल है। सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े अधिकारी बताते हैं क