पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नौजवान उतारे मैदान में

नौजवान उतारे मैदान में

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इन मामलों के सामने आने के बाद बनाई है योजना

अमले की भारी कमी : सिर्फ 10 नए जवान हैं जीआरपी के पास

सुस्त रिस्पांस : आंखों के सामने से फरार हो जाते थे आरोपी

कार्यालयसंवाददाता| गुना

ट्रेनोंमें हो रही वारदातों को रोकने के लिए जीआरपी अब नौजवानों पर भरोसा दिखा रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए अब तक 40 की उम्र पार करने वाला अमला लगाया जा रहा था। नई योजना के तहत अब नौजवानों अमले की मदद ली जाएगी। ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके।

एक माह के भीतर ट्रेनों में लूटपाट की कई वारदातें हो चुकी हैं। इस वजह से जीआरपी भी अब नए तरीके से आरोपियों की धड़पकड़ की तैयारी में है। इसके लिए स्थानीय पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा। जीआरपी प्रभारी रामपाल सिंह परिहार ने बताया कि एसपी पीएस विष्ट को ट्रेनों में होने वाली वारदातों की जानकारी दी जाएगी। जीआरपी का मानना है कि स्थानीय पुलिस के सहयोग से हम काफी हद तक वारदात को रोक सकते हैं। हालांकि कुछ दिन पूर्व ही क्राइम ब्रांच के मदद से जीआरपी ने ट्रेनों में वारदात करने वाली गैंग को भी पकड़ा था। इस सफलता के बाद जीआरपी को स्थानीय पुलिस से काफी उम्मीदें हैं। रेलवे स्टेशन पर वारदात के बाद आरोपी आसानी से भाग जाते हैं। इन्हें पकड़ने जीआरपी नए सिरे से काम कर रही है।

छोटीजगह में भी नहीं आते पकड़ में

रेलवेस्टेशन पर अक्सर वारदात होती है। हालांकि आरोपियों का भी जीआरपी से सामना होता है, लेकिन वह पकड़ में नहीं आते। जीआरपी का कहना है कि आरोपी भागने में माहिर हैं। आरोपी छोटी जगहों में भी चकमा दे देते हैं। इस वजह से 40 से पार का अमला उनका पीछा नहीं कर पाता है। इस वजह से नौजवान अमले को यह जिम्मेदारी दी जा रही है। जीआरपी के पास 10 युवा पुलिस कर्मी हैं।

एक के बाद एक कई वारदातें

11से 14 सितंबर के बीच अलग-अलग ट्रेनों में चार बड़ी वारदातें हुईं। खास बात यह थी कि इनमें यह वारदातें उन ट्रेनों में हुई जो ग्वालियर जा रही थीं। इनमे इंदौर-ग्वालियर इंटरसिटी में तीन घटनाएं हुईं। एक घटना में तो आराेपियों ने लगभग 25 तोला सोना गायब कर दिया। एक अन्य घटना भिंड-कोटा पैसेंजर में यात्रा कर रहीं रेवेन्यू इंस्पेक्टर के साथ हुई। घटनाएं दो तरह से हो रही हैं। रुठियाई महुगढ़ा के बीच आरोपी पथराव करते हैं, चलती ट्रेन से बैग आती लूटकर भाग निकलते हैं। जबकि शिवपुरी से ग्वालियर के बी