बारिश से लहलहा उठी फसलें
कृषि विभाग जता रहा अच्छी पैदावार की संभावना
कार्यालयसंवाददाता | गुना
जिलेमें सप्ताहभर से लगातार हो रही बारिश से खरीफ सीजन की फसलें लहलहा उठी है। स्थिति यह है कि खेतों खड़ी फसलों को अब बीच- बीच हो रही बारिश से पानी की पूर्ति हो रही है। इससे उनकी बढ़ वार भी अच्छी बनी हुई है। दरअसल करीब दो सप्ताह पूर्व लंबे समय तक बारिश नहीं हुई थी जिससे फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच गई थी।
ऐसे में कई किसानों ने अपने खेतों में खड़ी फसलों को सूखने से बचाने के लिए अपने निजी संसाधनों से सिंचाई आरंभ कर दी थी। लेकिन बाद में बारिश शुरू हो गई। मौजूदा वक्त में जिले के विभिन्न हिस्सों में हर एक- दो दिन में बारिश हो रही है। कहीं कम तो कहीं थोड़ी ज्यादा बारिश के बाद धूप भी खिल रही है जिससे फसलों की स्थिति वापस बेहतर होने लगी है। जिले में चालू खरीफ सीजन में कुल 2 लाख 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी का लक्ष्य था, जिसमें अकेले सोयाबीन की फसल ही एक लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
बेहतर हो गई स्थिति
^जिलेमें रुक- रुक कर हो रही बारिश से फसलों की बढ़ वार अच्छी हो गई है। किसानों को सोयाबीन में इल्ली कीट की रोकथाम के लिए पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए। यूएसतोमर, उपसंचालक कृषि गुना
बारिश से हुआ फायदा
किसानोंको हाल में हो रही बारिश से बड़ा फायदा हुआ है। दरअसल बारिश नहीं होने से कृषकों ने अपने निजी संसाधनों से सिंचाई आरंभ कर दी थी। इसके लिए कई किसानों ने डीजल से पंप चलाए थे तो कई ने बिजली से पंप चलाकर सिंचाई आरंभ कर दी थी। इसमें डीजल, बिजली के साथ ही उन्हें पाइप के इंतजार के रखरखाव के लिए भी मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही थी, लेकिन बारिश से अब यह खर्च बच गया है जिससे उन्हें बड़ा मुनाफा हुआ है।
खेती- बाड़ी | बारिश नहीं होने से पहले सूखने की कगार पर पहुंच गई थी खरीफ सीजन की फसलें