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टीएल में अाए अिधकारियों को फील्ड में लेकर पहुंचे कलेक्टर
सुबह10 बजे के लगभग टीएल बैठक चल रही थी। 15 मिनिट बाद ही कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा की चलो। इतना सुनते ही पूरा टीएल अमला खड़ा हो गया। कलेक्टर सभाकक्ष से बाहर निकले। अपनी कार में बैठे और चल दिए। इनके पीछे समस्त विभाग के अधिकारियों की गाड़ी भी दौड़ पड़ीं। कलेक्टर की गाड़ी सीधे हिलगना रुकी। उन्होंने जैसे ही स्कूल और अन्य शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण किया तो पीछे रहे अधिकारियों को पूरा माजरा समझ में आया।
पहली बार कलेक्टर श्रीमन शुक्ला पूरे विभाग के अधिकारियों के साथ फील्ड पर निकले। सोमवार दोपहर तक चलने वाली टीएल बैठक सुबह जल्दी खत्म कर दी गई। अधिकारी कुछ भी नहीं समझ पा रहे थे। जब कलेक्टर निरीक्षण करते हुए आगे बड़े तो यह खबर पूरे जिले में फैल गई। हिलगना का स्कूल 10.38 बजे बंद था। इसके बाद कलेक्टर सीधे गादेर पहुंचे। यहां स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक मिला। इसी गांव में स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल का निरीक्षण किया। यहां के अधीक्षक पर कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य संस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। जहां कमी पाई गई उसे नोट किया गया। मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने सुधार के निर्देश दिए।
साफ-सफाईपर नजर
कलेक्टरने निरीक्षण के दौरान प्रत्येक संस्था प्रमुखों को सफाई रखने को कहा। उन्होंने शौचालय को भी देखा। जहां गंदगी मिली। उन संस्थाओं के प्रभारियों पर नाराजगी जताई। टोड़ी में स्कूल की टायलेट देखी। इसके अलावा धरनावदा के स्कूल, रुठियाई में स्वास्थ्य संस्थाएं, आश्रम शाला, कंट्रोल दुकानों की भी जांच की गई। कुछ जगह रिकॉर्ड भी उन्होंने देखा। एसपी पीएस विष्ट भी थानों की जांच करने निकले थे।
राघौगढ| विश्रामगृह का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर। कलेक्टर ने हिदायत दी है कि इसकी व्यवस्थाएं ठीक की जाएं, क्योंकि अब वे जब भी यहां आएंगे तो इसी में ठहरा करेंगे।
अचानक चांचौड़ा की ओर किया रुख
कलेक्टरका वाहन कहां जाएगा और कहां रुकेगा। इस बारे में किसी को भी जानकारी नहीं थी। उन्होंने पूर्व से अपना योजना किसी को नहीं बताई। वह खटकिया पहुंचे तो अधिकारी सोचने लगे शायद अब का गुना वापस चलेंगे। लेकिन उनका वाहन चांचौड़ा तरफ चल दिया।
समूहको हटाया
कलेक्टरखटकिया पहुंचे। यहां समूह द्वारा वितरित किए जाने वाला दोपहर भोजन में गुणवत्ता नहीं पाई गई। तुरंत समूह को