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सरकारी विभागों में ही शोषण

6 वर्ष पहले
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यह वेतन मिलना चाहिए

सरकारी विभागों में दिया जा रहा है औसतन 5 से 6 हजार रुपए वेतन

कार्यालयसंवाददाता|गुना

न्यूनतमवेतन का भुगतान करने पर तमाम सरकारी विभाग श्रम विभाग के घेरे में रहे हैं। अक्टूबर 2014 से श्रमिकों की एक नई श्रेणी के अस्तित्व में आने के बाद यह स्थिति पैदा हो रही है। विभाग के अिधकारी बजट का रोना रो रहे हैं, जबकि श्रमायुक्त के स्पष्ट निर्देश हैं कि न्यूनतम वेतन अिधनियम का पालन होने पर अभियोजन एवं दावा की कार्रवाई की जाए।

सोमवारी यानि 9 फरवरी को टीएल बैठक में भी यह मसला सामने आया। न्यूनतम वेतन अिधनियम सख्ती से लागू करने को लेकर श्रमायुक्त ने 2 जनवरी को एक पत्र सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी किया है। बताया जाता है कि किसी भी विभाग में वह वेतनमान नहीं दिया जा रहा है, जो खुद सरकार ने ही तय किया है। कई अिधकारियों ने बजट की कमी का हवाला दिया तो कुछ ने कहा कि उनके यहां आउट सोर्सिंग के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर रखे गए हैं। हालांकि श्रम पदािधकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि कर्मचारी चाहे किसी भी विधि से रखे हो, उन्हे न्यूनतम वेतन देना जरूरी होगा। अब इस मुद्दे पर एक समिति पूरी जानकारी एकत्रित करेगी।

ज्यादातरविभागों में नियुक्तियां : सभीजनपद, नगरीय निकाय, जिला पंचायत, कलेक्टोरेट, ज्यादातर विभागों में कंप्यूटर ऑपरेटर रखे गए हैं। इनकी संख्या अनुमानत: 500 के आसपास है। यह सभी संविदा आधार पर रखे जाते हैं।

संविदा पर सरकारी विभागों में काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों को मामूली वेतन मिल रहा है।

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मार्च तक कार्रवाई का प्रतिवेदन श्रमायुक्त कार्यालय को देना होगा

न्यूनतम वेतन के मुद्दे पर नपा में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। अतिकुशल और कुशल श्रेणी के कर्मचारियों का वेतनमान अक्टूबर से पुनरीक्षित नहीं हुआ है। उन्हें अप्रैल में तय हुई दर से वेतन दिया जा रहा है। कुशल कर्मचारियों को 8 हजार 435 रुपए प्रतिमाह मिलना चाहिए, लेकिन नपा में 5 से 6 हजार रुपए मिल रहे हैं। यही स्थिति अतिकुशल श्रमिक यानि कंप्यूटर ऑपरेटरों की भी है। उधर राघौगढ़ नगर पालिका एवं जनपद में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों ने तो श्रम विभाग को बकायदा शिक्षा दर्ज कराई है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इस संबंध में समुचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे शिकायत आएंगी तो उन पर कार्रवाई होगी।

नगर पालिका में अप्रैल की दर से ही भुगतान, वेतन को लेकर गतिरोध

क्या हैं श्रम आयुक्त के निर्देश

श्रमायुक्तकेसी गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि 28 फरवरी तक संस्थानों का निरीक्षण कर यह जानकारी ली जाए कि वहां न्यूनतम वेतन अिधनियम का पालन हो रहा है या नहीं। इस दौरान कर्मचारियों के कथन भी दर्ज करने होंगे। जहां पर वेतनमान नहीं मिल रहा है, उन संस्थानों को अब एक अक्टूबर से उक्त एरियर का भुगतान भी करना होगा।

नपा में कई कर्मचारियों को वेतन नहीं

अक्टूबरसे कर्मचारियों की नई श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें उच्च कुशल श्रमिक कहा जाएगा। इसमें वे कर्मचारी शामिल होंगे, जो कंप्यूटर का डिप्लोमा या अन्य उच्च शिक्षा रखते हों। वर्तमान में इन कर्मचारियों को बमुश्किल 6 से 8 हजार रुपए तक वेतन मिल रहा है। जो न्यूनतम वेतन से कम है।

नियमानुसार ही देना होगा वेतन

^श्रमविभाग द्वारा जो वेतनमान तय किया जाता है, वह सभी लागू होता है। चाहे वह सरकारी कार्यालय हो या फिर निजी संस्थान। न्यूनतम वेतन अिधनियम सभी जगह एक ही जैसा लागू होता है। अब तक राघौगढ़ नपा और जनपद से मुझे िशकायत मिली हैं। पर ज्यादातर विभागों में नई श्रमिक श्रेणी को न्यूनतम वेतनमान के मुताबिक भुगतान नहीं हो रहा है। डीडीचौबे, श्रम पदाधिकारी

नोट : यह वेतनमान एक अक्टूबर 2014 से लागू किया गया है। वेतनमान इसी तारीख से देय होगा।

} उच्च कुशल श्रमिक : 374 रुपए प्रतिदिन या 9735 रुपए प्रतिमाह

} कुशल श्रमिक : 324 रुपए प्रतिदिन या 8435 रुपए प्रतिमाह

} अर्ध कुशल श्रमिक : 271 रुपए प्रतिदिन या 7057 रुपए प्रतिमाह

} अकुशल श्रमिक : 228 रुपए प्रतिदिन या 5939 रुपए प्रतिमाह