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एलवेंडाजोल की गोली से दो छात्राओं की हालत बिगड़ी

6 वर्ष पहले
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डीवर्मिगडे पर एलवेंडाजोल की गोली खाते ही कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। कई छात्राओं के पेट में दर्द के साथ उल्टी शुरू हो गई। स्कूल के शिक्षक भी घबरा गए और छात्राओं को उपचार के लिए सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। 10 फरवरी को डीवर्मिग डे पर एलवेंडाजोल की गोली स्कूल के छात्र-छात्राओं को खिलाई जानी थी। स्वास्थ्य विभाग का मानना था कि 70 फीसदी बच्चों के पेट में कीड़े होते हैं। इस वजह से उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास रुक जाता है। कार्यक्रम के तहत 5 से 19 आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को कृमिनाशक गोली एलवेंडाजोल खिलाई जानी थी। स्वास्थ्य विभाग ने सवा दो लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को गोली खिलाने का लक्ष्य तय किया था। कई स्कूल में गोली खाने के बाद बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत सामने आई।

दो बच्चों को को अस्पताल भर्ती किया

मावनस्कूल में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत बसंती और गुड़िया की गोली खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। यह देख शिक्षक घबरा गए। उन्हें यह पता ही नहीं था कि ऐसी स्थिति में क्या करना है। इस कार्यक्रम को लेकर की गई तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षकों को यह जानकारी तक नहीं दी थी कि गोली खिलाने के दौरान कुछ बच्चों में समस्या सकती है। एक शिक्षक ने बताया कि विभाग ने ब्लॉक स्तर पर सिर्फ गोली भेजकर कार्यक्रम की रस्म अदायगी पूरी की। यह नहीं बताया गया कि गोली खिलाने के दौरान अगर किसी को समस्या आए तो क्या करना है।

बच्चों का उपचार करते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ।