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लंबित प्रकरणों पर अफसरों को कलेक्टर ने फटकारा
भास्कर ने शुरू से उठाया मुद्दा
जाति प्रमाण-पत्र मामला
रात में बनेंगे जाति प्रमाण- पत्र
तहसील बार आवेदनों की स्थिति
चांचौड़ा लोक सेवा केंद्र संचालक को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश
कार्यालयसंवाददाता | गुना
जिलेके स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण- पत्र बनाने में बरती जा रही लापरवाही पर कलेक्टर ने बेहद सख्त नाराजगी जताई है। इसके लिए शुक्रवार सुबह कलेक्टोरेट में हुई विशेष बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमन शुक्ला ने विशेष अिभयान के तहत स्कूली बच्चों के बनने वाले जाति प्रमाण- पत्रों के आवेदनों की तहसील बार समीक्षा की। इसमें जब कलेक्टर के सामने यह आंकड़ा आया कि जिले में 66 हजार 551 प्रमाण- पत्र अभी तक तहसीलों में लंबित पड़े हैं। इस पर उन्होंने सभी एसडीएम, लोक सेवा केंद्र संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधितों पर बेहद सख्त लहजे में नाराजगी जताते हुए कईयों को फटकार भी लगाई। कलेक्टर ने यहां तक कह डाला कि आप लोगों की लापरवाही से यदि शासन स्तर से कोई कार्रवाई होती है तो, इसके जिम्मेदार आप खुद होंगे। मैं किसी को भी नहीं छोडूंगा। चांचौड़ा तहसील में सबसे कम आवेदन ऑनलाइन होने से लोक सेवा केंद्र संचालक को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश लोक सेवा प्रबंधन विभाग के जिला प्रबंधक पीसी जैन को दिए। साथ ही लंबित पड़े आवेदनों के निराकरण के लिए नई व्यवस्था भी तय कराई गई। अपर कलेक्टर को गुना तहसील की व्यवस्थाओं में सुधार कराने की जिम्मेदारी दी गई। पूर्व में कलेक्टर द्वारा स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण- पत्र में कोताही पर जिले के सभी एसडीएम को नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो सका है।
खराबहो रही जिले की छवि
दरअसलसामान्य प्रशासन विभाग ने बीते जून 2014 में एक आदेश जारी किया था। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव आरके गजभिये ने सभी स्कूलों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र छात्राओं के जाति प्रमाण- पत्र आवेदन एक जुलाई से 14 अगस्त 2014 तक विशेष अभियान के तहत लोक सेवा केंद्रों पर ऑनलाइन जमा कराए थे। जिले में करीब 75 हजार से ज्यादा स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण- पत्र बनाए जाने का लक्ष्य है। विशेष अभियान के तहत जमा हुए आवेदनों को लोक सेवा केंद्रों द्वारा ऑनलाइन किया जा रहा चुका है। एसडीएम द्वारा सत्यापन नहीं क