तीन दिन से ई-पेमेंट ठप
कई विभागों में भुगतान का संकट
कार्यालयसंवाददाता|गुना
22विभाग की सेवाएं तंगहाली में गई हैं। ई-पेमेंट का केंद्रीय सर्वर बंद होने से इसका असर सभी सेवाओं पर पड़ा है। पिछले तीन दिन से कोषालय से एक पैसे का भी भुगतान नहीं हुआ है। इस वजह से स्थिति बिगड़ गई है।
जिले में गुरुवार से ई-पेमेंट का सिस्टम पूरी तरह से बंद है। इस वजह से कोषालय से अधिकारी परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति भोपाल स्थित केंद्रीय सर्वर की वजह से पैदा हुई है। गुना ही नही अन्य जिले में भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिला कोषालय में प्रतिदिन लोग चक्कर काट रहे हैं। उन्हें सिर्फ एक ही जवाब दिया जा रहा है कि सर्वर बंद है। चालू होते ही पैसा खाते में पहुंच जाएगा। कई ठेकेदारों के करोड़ रुपए अटक गए हैं। इस वजह से उनके द्वारा किए जाने वाले कामों में भी सुस्ती गई है। ठेकेदारों का कहना है कि प्रतिदिन उन्हें लाखों रुपए का भुगतान करना पड़ता है। मजदूरों के अलावा बाजार से खरीदे जाने वाले मटेरियल का भी पैसा तुरंत चुकाना पड़ता है। ऐसे में खातें में पैसा पहुंचे से समस्या खड़ी हो रही है।
योजनाओंपर असर
ई-पेमेंटहोने से इसका सीधा असर 22 विभाग की सेवाओं पर पड़ा है। कोषालय में बिल तैयार करने से लेकर अन्य काम तो हो रहे हैं। लेकिन फाइल ई-पेमेंट के सिस्टम पर सेव नहीं हो रही है। इस वजह से भुगतान रुका पड़ा है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे जरुरी सेवाएं भी इससे प्रभावित हो रही है।
सर्वर बंद होने से कोषालय में तमाम कामकाज प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति लंबे समय बाद बनी है। - फाइल फोटो
पहली बार स्थिति
अधिकारियोंने बताया कि कई सालों में पहली बार यह स्थिति बनी है। बताया जाता है कि ऐसी स्थिति तब बनती है जब ओवर ड्राफ्ट के हालात पैदा हो जाएं। बहरहाल कोषालय ने योजनाओं एवं अन्य विभाग से आने वाले बिल रोक लिए हैं। इनमें होने वाली समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं, लेकिन भुगतान के लिए फाइल सर्वर पर नहीं डाली गई है।
कई तरह के भुगतान प्रभावित
कोषालयसे प्रतिदिन लाखों रुपए का ई-पेमेंट से भुगतान किया जाता है। इसमें समस्त विभाग की योजनाएं, स्कूल छात्रवृत्ति, ठेकेदारों का भुगतान, वेतन, पेंशन, भत्ते सहित अन्य सेवाएं शामिल रहती है। जिले में प्रतिदिन योजनाओं के तहत एक से डेढ़ करोड़ तक का भुगतान किया जाता है।
बंद कर दिया सर्