अध्यापकों की आवाज िवस में उठाएंगे
अध्यापकोंकी जायज मांग को लेकर विधानसभा में उनकी आवाज को पुरजोर तरीके से पहुंचाया जाएगा। यह बात बमोरी चांचौड़ा विधायकों ने कही। रविवार को आजाद अध्यापक संघ द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में विधायकों को मांग पत्र सौंपने का प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 15 फरवरी तक विधायकों को मांगपत्र दिए जाएंगे।
इस अभियान को शिक्षक संघ के पदाधिकारियों द्वारा भी समर्थन दिया जा रहा है। संगठन पहले बमोरी विधायक महेंद्र सिंह सिसौदिया को मांगपत्र दिया और उसके बाद चांचौड़ा विधायक ममता मीणा को। आने वाले दिनों वे गुना विधायक पन्नालाल शाक्य और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह को भी मांग पत्र सौंपेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में संतोष श्रीवास्तव, धर्मेंद्र रघुवंशी, बृजेश भार्गव, नरेंद्र भारद्वाज आदि शामिल थे। उन्होंने बताया कि दोनों विधायकों ने अध्यापकों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने उनके साथ अपनी सहमति भी व्यक्त की। साथ ही कहा कि आने वाले बजट सत्र के दौरान विधानसभा में वे सरकार के समक्ष इन मांगों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे और उन्हें पूरा भी करवाएंगे।
गुना| बमोरीविधायक महेंद्र सिंह सिसौदिया को मांगपत्र सौपते हुए आजाद अध्यापक संघ और शिक्षक संघ के सदस्य। इसके बाद चांचौड़ा विधायक ममता मीणा को भी ज्ञापन दिया गया।
मांग पत्र में शामिल बिंदु
}अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए।
} सहायक अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक की अंतरिम राहत की विसंगति दूर की जाए।
} छठवें वेतनमान का भुगतान एक किश्त में किया जाए।
} अध्यापकों के लिए स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति लागू हो।
} संविदा शिक्षकों की परीविक्षा अवधि तीन साल से घटाकर एक साल की जाए।