बीएसएफ केे जांबाज शार्पशूटर्स...
सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब देती हैं ये बीएसएफ टीमें
3-4 माह पूर्व चिकन नेक एरिया में पाकिस्तान ने फायरिंग कर दी थी। आदेश ने भी जवाब दिया। रात भर फायरिंग चली। बुलेट का अस्लाह और मंगवाया गया। 3 रेंजर्स ढेर कर दिए। सुबह रेंजर्स ने हाथ खड़े किए तभी आदेश ने फायरिंग रोकी। इसी टीम के असिस्टेंट कमांडेंट नाजिम खान बताते हैं कि चिकन नेक एरिया में ही दो दिन लगातार चली फायरिंग में आठ रेंजर्स ढेर करने के साथ तेल डिपो आर्मी टारगेट को भी तबाह कर दिया।
घुसपैठ का जवाब देने में इनकी अहम भूमिका
राजस्थान फ्रंटियर के प्रवक्ता डीआईजी रवि गांधी बताते हैं कि एमएमजी और मोर्टार टीमें अपने वेपन्स के साथ जम्मू कश्मीर में सीज फायर का जवाब देने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रही हैं। बीएसएफ की 79 बटालियन के कमाडेंट एसआर राम के अनुसार द्वितीय विश्व युद्ध में जमीनी युद्ध िजताने में अहम रोल अदा करने वाले मोर्टार काे चलाने के लिए आठ से दस सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। शूटर का सिलेक्शन भी राइफल मोर्टार से अच्छे निशाना लगाने से ही किया जाता है।
मीडियम मशीन गन टीम
वैपन:7.62एमएम की बुलेट, 1800 मीटर रेंज, 600 से 800 राउंड प्रति मीटर राउंड, एक फायर में 200 से 250 राउंड।
टीम:नौशूटर।तीन-तीन शूटर मिलकर एक एमएमजी ऑपरेट करते हैं। मुख्य शूटर फायर करता है एक स्टैंडबाय रहता है। तीसरा शूटर निशाने बताता है।
शूटिंग:एकफ्रंटियर की टीम को 18 मिनट तक लगातार फायरिंग करनी होती है। मार्शल प्वाइंट यानी निशाना लगाने की जगह से एक किमी पहले यह टीम दौड़कर यहां आती है। पोजिशन लेकर पूरे 18 मिनट में तीन से चार हजार राउंड फायर। इस अवधि में सामने काल्पनिक टारगेट के सीने में जितनी गोली लगती है उसी से एक्युरेसी का पता चलता है।
माेर्टार शूटिंग टीम
वैपन:81एमएम का बम, 5 किमी रेंज, 100 गज के दायरे में तबाही, 3 से 5 सैकेंड में एक फायर, एक मिनट में 20 फायर।
टीम:तीनमेंबर की टीम को ओपी टॉवर पर बैठा सेक्शन कमांडर सेट पर दिशा, डिग्री हाउट बताता है। टीम तुरंत ही कम्पास पर इसका मिलान कर माेर्टार में उसे सेट करती है।
शूटिंग:जैसेही बैरल में गोला डालते हंै तो वह पांच से दस सेकंड में निशाने पर जा गिरता है और सौ गज के एरिया को नष्ट करता है। इन तीनों चीजों के लिए लगातार दुश्मन के एरिया की मैपिंग करनी पड़ती है। जिस टीम के ज्यादा सटीक निशाने पर बम गिरते हंै, वह विजेता रहती है।
अपनी गन के साथ आदेश सिंह।