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इस साल साइलो पर नहीं होगी गेहूं की खरीदी, बंद होंगे दोनों प्लांट

6 वर्ष पहले
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लक्ष्य से ज्यादा है कवर्ड कैंपस में गेहूं रखने की क्षमता, एमडी ने मांगी थी जानकारी

कलेक्टर से मिलने पहुंचे किसान

एग्रीकल्चररिपोर्टर|हरदा

जिलेमें तीन साल पहले तैयार किए गए साइलो प्लांट पर इस बार गेहूं की खरीदी नहीं होने की आशंका है। जिले में गेहूं रखने की क्षमता बढ़ जाने के कारण इस बार अबगांवखुर्द और खमलाय के साइलो प्लांट बंद किए जा सकते हैं। प्लांट बंद होने के बाद किसान अब सोसाइटी केंद्रों पर ही गेहूं विक्रय कर पाएंगे।

जिले में गेहूं भंडारण की क्षमता बढ़ जाने के कारण तीन साल पहले जिले के दो स्थानों पर तैयार किए गए साइलो प्लांट बंद हो सकते हैं। इसके चलते इस बार यहां गेहूं की खरीदी नहीं होने की आशंका बनी हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने गेहूं उत्पादन और खरीदी के आधार पर वेयर हाउस में भंडारण की जानकारी मांगी थी जिसके आधार पर यह निर्णय लिया जा रहा है। मालूम हो कि भंडारण व्यवस्था नहीं होने के कारण तीन साल पहले जिले के अबगांवखुर्द और खमलाय गांव में साइलो प्लांट तैयार किया गया था। प्लांट तैयार होने के बाद से करीब 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं को रखने के इंतजाम किए गए थे। साइलो प्लांट बंद हो जाने के बाद किसानों को सोसाइटियों के खरीदी केंद्रों पर ही गेहूं बेचना पड़ सकता है।

जिलेमें बढ़ी गेहूं रखने की क्षमता

जिलेमें कवर्ड कैंपस में गेहूं भंडारण किए जाने की क्षमता बढ़ गई है। इसके कारण वेयर हाउस द्वारा साइलो प्लांट पर भंडारण किए जाने से किराए के रूप में अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए कदम उठाया जा रहा है। साइलो बंद होने से शासन को लाखों रुपयों का फायदा पहुंचेगा। फिलहाल 90 हजार मीट्रिक टन खेड़ा और 50 हजारा मीट्रिक टन गेहूं रखने की क्षमता सुल्तानपुर में है। इसके अलावा अन्य भंडार केंद्रों के हिसाब से जिले में करीब 4 लाख 86 हजार मीट्रिक टन गेहूं रखने की क्षमता हो गई है। खमलाय में गेहूं खरीदी के लिए बनाए गए सायलो प्लांट को बंद किया जाना है। इसकी भनक लगते ही कई किसान एकत्रित हो गए और शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंच गए हैं। मालूम हो कि इस प्लांट से करीब 22 सोसाइटियों के किसान जुड़े हुए हैं। कलेक्टर को शिकायत करने आए किसानों ने कहा कि साइलो प्लांट बंद होने से हजारों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

प्लांट बंद हो सकते हैं

^वरिष्ठअधिकारियों ने भंडारण से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। जिले में कवर्ड भंडारण की क्षमता 4 लाख 86 हजार मीट्रिक टन है। जो खरीदी के हिसाब से अधिक है। क्षमता बढ़ने के कारण दोनों प्लांट बंद हो सकते हैं। एनपीकीर, प्रबंधक वेयर हाउस शाखा हरदा