चार घंटे में बना दिया नर्मदा में सेतु
उथलीनर्मदा को पार करने बड़े पत्थरों और रेत की बोरियों का सेतु बना दिया। जलोदा गांव में यह काम होमगार्ड जवानों ने ग्रामीणों की मदद से 4 घंटे में श्रमदान कर पूरा कर लिया। इससे पैदल नर्मदा पार अाने-जाने वालों को सहुलियत होगी।
पंचकोशी यात्रा शुरू हाेने के चार दिन पहले यह सेतु बनाया गया। जलाेदा गांव में नर्मदा के इस हिस्से में श्रद्धालु घुटने-घुटने पानी से निकलते थे। दोनों तटों के बीच दूरी लगभग 15 फीट है। बीच-बीच में पानी से बाहर निकले पत्थर हैं। इन पत्थरों को रेत की बोरियों और दूसरे बड़े पत्थर लाकर जोड़ दिया गया। होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट केआरबी सिंह ने बताया कि हमने स्पॉट पर आकर देखा कि पंचकोशी यात्रा के समय महिलाएं, पुरुष बच्चे यहां से नर्मदा पार करते। इस कारण सेतु बनाने की योजना तैयार की।
गांववासियों की मदद से होमगार्ड के जवान सुबह 11 बजे से श्रमदान कर नर्मदा में रास्ता बनाने के लिए जुट गए। गांववाले बड़े पत्थर ढोकर लाने लगे और होमगार्ड के जवानों ने बाेरियाें में रेत भरी। दोपहर 3 बजे तक दोनों तटों के बीच उभरे पत्थर जाेड़कर रास्ता तैयार कर दिया गया।
अब यहां से श्रद्धालु आसानी से बिना पानी में उतरे नर्मदा पार कर सकेंगे और दुर्घटना का जोखिम भी नहीं रहेगा।
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हरदा। चार घंटे में बना दिया नर्मदा में पत्थर-रेत का सेतु
श्रमदान