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बैक वाटर से बंद होने लगे रास्ते

7 वर्ष पहले
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{खेतों में लगी फसल भी आई इंदिरा सागर की चपेट में, रोज बढ़ रहा है जलस्तर

नगरसंवाददाता|हरदा

इंदिरासागर के बैक वाटर से जिले के कई गांव की फसल डूब गई है। लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों का आवागमन भी अवरूद्ध होने लगा है। लगातार तीन दिनों से पानी बढ़ता जा रहा है। खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ने लगी है। इंदिरा सागर बांध से प्रभावित जिले के उवां, खरदना, पचौला, कचबैड़ी, बिछौला सहित अन्य गांवों के खेतों पानी भरने लगा है। सैकड़ों एकड़ खेत यहां जलमग्न हो गए हैं। हालांकि यह स्थिति यहां हर साल बनती है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इंदिरा सागर का बैक वाटर ग्रामीण क्षेत्रों में दिन दिन फैलता जा रहा है। हंडिया तहसील के कुछ गांवों और खेतों के रास्तों में पानी भर गया है। जिससे किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बांध प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों ने जगह भी छोड़ दी है। खरदना, पचौला, करणपुरा, साल्याखेड़ी, बिछौला, उवां, कचबैड़ी के आसपास लगातार पानी बढ़ रहा है। बांध प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी कई किसानों ने फसलों की बोवनी भी की थी। बैक वाटर के कारण फसलें पानी में डूब गई है। इधर पचौला गांव से खरदना के लिए जाने वाले रास्ते में पानी भर जाने से आवागमन भी रुक गया है। हंडिया तहसील के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पानी बढ़ने की जानकारी मिली है। बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी भी करवाई गई थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाई है

^बरगी डेम से पानी छोड़ने की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाई गई थी। इंदिरा सागर के बैक वाटर से कहीं भी रास्ता बंद नहीं हुआ है। अगर ऐसा है तो जानकारी ली जाएगी। -अजय शुक्ला, तहसीलदारहंडिया