छुट्टी के दिन धरना दे कर चले गए अध्यापक
रविवारको छुट्टी के दिन अध्यापक अपनी मांगों को लेकर कलेक्टोरेट के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। मप्र आजाद अध्यापक संघ के बैनर तले उनका प्रदर्शन चला। धरनास्थल पर जिले के सभी ब्लाकों से अध्यापक, संविदा शिक्षक गुरुजी आए हुए थे। दोपहर ढाई बजे संघ पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर आईं जिला प्रशासन से आईं अधिकारी फरीदा खान को ज्ञापन दिया।
मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया, मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो प्रदेश से ब्लाक स्तर तक अनशन किया जाएगा। स्कूल की छुट्टी के दिन धरना देने आए अध्यापक छठवां वेतनमान और शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग कर रहे थे। इन्होंने स्वैच्छिक स्थानांतरण और पदोन्नति नीति की मांग की। नए संविदा शाला शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने एवं अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की परीक्षा अवधि एक वर्ष करने को कहा। संघ ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने तथा छात्रों की पूरी उपस्थिति के लिए जनप्रतिनिधियों की जवाबदारी तय करने की मांग भी की।
धरनास्थल पर संघ जिलाध्यक्ष अंगस्टिन गौरा ने चर्चा कर नई कार्यकारिणी का गठन किया। अध्यापकों ने कहा, धरना देने रविवार का दिन इसलिए चुना ताकि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो और उन्हें अवकाश की अर्जी देने की जरूरत पड़े।
हरदा. कलेक्टोरेट के सामने धरना प्रदर्शन करते अध्यापक।
अध्यापकों ने गिनाईं नौ मांगें