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पहली बार दुर्गा पंडालों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

7 वर्ष पहले
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नवरात्रउत्सव आने में चार दिन शेष हैं। 25 सितंबर को देवी दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के लिए सार्वजनिक स्थलों पर झांकियां पंडाल आकार ले रहे हैं। पंडाल बनाने की अनुमति सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट से लेनी थी लेकिन जिला मुख्यालय के एसडीएम दफ्तर में ही अनुमति का एक भी आवेदन नहीं आया है।

टिमरनी और खिरकिया में किसी उत्सव समिति ने अनुमति की अर्जी नहीं दी है। इसके चलते प्रशासन खुद अंदाजा नहीं लगा पा रहा है कि कितने सार्वजनिक स्थलों पर नवरात्र उत्सव मनाया जाएगा और कहां-कहां गरबा उत्सव और जुलूस निकलेंगे। यह सूचना प्रशासन के पास नहीं होने से उत्सव के पंडाल शहर के नक्शे में दर्शाने का काम भी शुरू नहीं हो सका है। पहली बार भीड़ भरे इलाकों वाले नवरात्र के पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। ऐसे पंडालों की सूची भी नहीं मिली है।

नवरात्र आने के पहले जिला दंडाधिकारी ने जिले के सभी एसडीएम को बुलाकर उत्सव की गाइड लाइन तय कर दी, लेकिन इसका बिलकुल पालन नहीं हो पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी अभी हंडिया के नर्मदा तट पर भूतड़ी अमावस्या की तैयारियों में जुटे हैं जिसमें दूरदराज के हजारों लोग आते हैं।

हरदा के एसडीएम साहब लाल सोलंकी का कहना है कि सुबह स्टाफ से पूछा था, अभी तक एक भी आवेदन नहीं मिला है। अगले दो-तीन दिन में नवदुर्गा उत्सव समितियों की संख्या पता कर उनके अध्यक्षों सदस्यों के नाम फोन नंबर जुटाने पड़ेंगे। अध्यक्ष या उनके अधिकृत व्यक्ति 24 घंटे अपने-अपने पंडालों में रहेंगे। पता करेंगे क्लाेज सर्किट कैमरे कहां-कहां लगेंगे। एेसा इसलिए किया जा रहा है कि आस्था और उत्सव के समय कहीं कोई अपराध या अप्रिय घटना होने पर बदमाशों की निगरानी की जा सके। दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद के विभाग सह मंत्री दीपक राज ने कहा, गरबा उत्सव स्थल पर अवांछित तत्वों के प्रवेश को रोकने हमने प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं जो सभी के आई कार्ड चेक करेंगे।

यह होना था, अभी नहीं हुआ

{अपने-अपनेइलाके के नवरात्र उत्सव मंडलों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को लिस्टेड करना।

{दुर्गा प्रतिमाओं के स्थापना स्थल पर पंडालों की अनुमति तय फार्मेट में एसडीएम से लेना।

{नवरात्र के गरबा सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस, रैली के स्थल मार्गों की जानकारी लेना।

{प्रत्येक मंडल के अध्यक्षों के नाम एवं मोबाइल नंबर लेकर उनको परिचय पत्र जारी करना।