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अस्पताल की एक टीवी खराब दूसरी को ममता रथ में लगाया
सुबह महिला ने बस में दिया बच्चे को जन्म, दोपहर में अस्पताल से गायब
{अस्पताल प्रबंधन को भी नहीं है महिला की जानकारी, मृत बालिका को दिया था जन्म
हरदा|यात्रीबस में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बस से ही लेकर उसे जिला अस्पताल लेकर आए। लेकिन दोपहर में महिला अस्पताल से गायब हो गई। इसकी जानकारी शाम तक अस्पताल प्रबंधन को नहीं मिल पाई। इस मामले में पूछताछ के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने भी महिला को खोजने की कोशिश की लेकिन दस्तावेजों में भी अस्पताल से छुट्टी का कोई लेखा नहीं था। जानकारी के अनुसार नागपुर निवासी महिला को सोडलपुर गांव के पास प्रसव पीड़ा हुई। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे इलाज के लिए अस्पताल लाने का प्रयास किया लेकिन इससे पहले ही महिला ने यात्री बस में बच्चे को जन्म दे दिया। आनन-फानन में बस के चालक ने यात्री बस को जिला अस्पताल में यात्री समेत लाया गया। यहां महिला और नवजात को भर्ती किया गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि महिला ने बालिका को जन्म दिया था। बाद में जब महिला के संबंध में पूछताछ की गई तो महिला का अस्पताल में कोई पता नहीं चल पाया। प्रसूता कक्ष में रजिस्टर में महिला की एंट्री तो दर्ज थी लेकिन छुट्टी से संबंधित कोई जानकारी नहीं थी और ना ही किसी दूसरे अस्पताल में रैफर किया गया था। ऐसे में जिला अस्पताल के गार्ड, नर्सों ने भी महिला को वार्डों में खोजने की कोशिश की लेकिन महिला का कहीं भी पता नहीं चल पाया।
ममता अभियान के प्रचार में मेटरनिटी वार्ड की एलसीडी
हालही में ममता अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने सहित गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जागरूकता की सलाह देने सहित अन्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ममता रथ चलाया जा रहा है। योजनाओं की जानकारी देने के लिए ममता अभियान रथ में मेटरनिटी वार्ड की एलसीडी भी लगाई गई है। इसके कारण मेटरनिटी वार्ड में प्रसूताओं को टेलीविजन के कार्यक्रम देखने को नहीं मिल पा रहे हैं।
सुधरवानेमें रहा है ज्यादा खर्च तो रखी कबाड़ में
अस्पतालसूत्रों की माने तो एल एलसीडी लंबे समय से खराब थी। इसे सुधरवाकर लगाने में करीब पंद्रह से बीस हजार रुपए का खर्चा रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन एलसीडी को सुधरवाने में रूचि नहीं ले रहा है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इतनी राशि लगाकर सुधारने स