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कमिश्नर ने बच्चों से पूछी बारहखड़ी, सुने पहाड़े

7 वर्ष पहले
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आंगनबाड़ियोंमें किस तरह बच्चों की हाजिरी पूरी बताकर धांधली की जा रही है। इसकी पोल गुरुवार को खुल गई। कमिश्नर वीके बाथम और कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव सुबह चारूवा- सिराली मार्ग के आमासेल गांव अचानक पहुंच गए। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र के हाजिरी रजिस्टर में जितने बच्चे उपस्थित बताए गए, गिनती करने पर कम निकले। महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाइजर को बुलाया गया। बच्चों की अनुपस्थिति के संबंध में इनके विरोधाभासी जवाब सुन दोनों को कमिश्नर ने डांट दिया। जिला पंचायत की सीईओ को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। आमासेल गांव खिरकिया विकासखंड में आता है। इसी गांव में अचानक निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर और कलेक्टर को आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे कम मिले। सरकारी मिडिल स्कूल से हेडमास्टर दिलीप गौर नदारद पाए गए। उन्होंने एचएम का एक दिन का वेतन काटने को कहा। निरीक्षण के समय स्कूल में बच्चों के जाति प्रमाण-पत्रों के बारे में जानकारी ली। स्कूल की क्लास में दाखिल होते ही कमिश्नर बाथम बच्चों से बारहखड़ी अल्फाबेट पूछने लगे। उनसे पुस्तकें पढ़वाई, पहाड़े सुने और गणित के सवाल हल करने को कहा गया।

कलेक्टर ने अधिकारियों से जिले के सरकारी स्कूलों में शौचालय के निर्माण और मरम्मत के बारे में रिपोर्ट मांगी। कमिश्नर ने गांव में ही मुख्यमंत्री ग्राम आवास योजना के भवन मालिक से लोन और सब्सिडी के बारे में पूछताछ की एवं अच्छे निर्माण की सराहना की। इसके बाद वे चारूवा में निर्माणाधीन गौशाला भवन का निरीक्षण करने पहुंचे वहां परिसर में पौधे रोपे। अपर कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा भी इस समय मौजूद थे।

हरदा. गुरुवार को आमासेल गांव के मिडिल स्कूल में क्लास लेते कमिश्नर वीके बाथम।

कमिश्नर और कलेक्टर ने किया आमासेल स्कूल का निरीक्षण, हेडमास्टर मिले नदारद