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बैठक को वैध साबित करने में लगे 4 घंटे, मुद्दे पर आए तो हुआ हंगामा
वकील से अभिमत मिला, अध्यक्ष-सीएमओ ने शुरू कराई बैठक
नगरपालिकाके दो कर्मचारी नगरपालिका के वकील के पास पहुंचे। करीब एक घंटे बाद कर्मचारी वकील के यहां से लौटकर आए। बैठक में वकील के अभिमत को सुनाते हुए बताया कि उन्होंने एजेंड को विधिवत प्रतीत होना बताया। जिसके बाद सीएमओ और नपाध्यक्ष ने बैठक शुरू किए जाने की बात कही। नपा कर्मचारी के एजेंडे के पहले बिंदू अवैध कॉलोनी में विकास कार्य कराए जाने के के पढ़ते ही फिर बहस की स्थिति निर्मित हो गई।
आधे घंटे नहीं हुईं बैठक
परिषदकी बैठक वैध है या अवैध को लेकर बढ़ती बहस को देखते हुए नपाध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी थी। नपाध्यक्ष का कहना था कि पहले यह तय कर लिया जाए कि बैठक वैध है या अवैध। उसके बाद ही बैठक शुरू की जाएगी। लेकिन बहस का दौर चलता रहा। करीब आधे घंटे बैठक स्थगित रहने के बाद फिर चर्चा शुरू की गई।
हरदा। नगरपालिका के विशेष सम्मेलन में सोमवार को दोपहर से शाम तक बहस होती रही।
नगर संवाददाता|हरदा
परिषदकी बैठक के लिए सभी साढ़े 12 बजे एकत्रित हो गए थे। लेकिन मुद्दे पर आने में परिषद को चार घंटे लग गए। इसके बाद भी बहस होती रही। इस बीच आधे घंटे के लिए बैठक स्थगित हुई। नगरपालिका के वकील से अभिमत लिया गया। लेकिन बैठक के दौरान शुरू हुआ हंगामा आखरी तक चलता रहा। इस दौरान एक पार्षद को बैठक से बाहर किए जाने का फरमान भी सुनाया गया। विशेष सम्मेलन सोमवार को रखा गया था। एजेंडे के 19 बिंदुओं पर परिषद में चर्चा की जाना थी।
सीएमओ के आते ही चर्चा शुरू होती इससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष ने बैठक को बोगस करार दे दिया। विपक्ष यह कहते हुए हावी हो गया कि बैठक फर्जी है बिना किसी कारण के बुलाई गई है। परिषद को गुमराह किया जा रहा है। विपक्ष का कहना था कि पीआईसी की बैठक के दौरान सीएमओ की अनुपस्थिति में प्रभारी सीएमओ का चार्ज मनसुख लोहाना को मोबाइल पर दिया गया था। प्रभारी सीएमओ ने परिषद की बैठक का एजेंडा भी जारी कर दिया जो गलत है। विपक्ष का कहना था कि एजेंडा किस नियम के तहत जारी किया गया है, ये बताया जाए उसके बाद भी मीटिंग शुरू होगी। इस मुद्दे को लेकर हंगामा चलता रहा। विशेष सम्मेलन की वीडियोग्रॉफी होते देख भी सवाल किया गया। इस पर नपाध्यक्ष ने कहा कि वीडियोग्रॉफी उनके द्वारा की जा रही है। करीब ढाई घंटे की बहस के बाद नगरपालिका के वकील से अभिमत लेने की