- Hindi News
- 3 ट्रक 900 बोरी यूरिया लेकर नहीं पहुंचे सोसाइटी
3 ट्रक 900 बोरी यूरिया लेकर नहीं पहुंचे सोसाइटी
अबगांव कला में खाली हुए थे ट्रक
हरदा की मार्कफेड गोदाम से 900 बोरी यूरिया जिला सहकारी बैंक हरदा शाखा के जरिए सेवा सहकारी समिति पीपलघटा सेवा सहकारी समिति यूरिया की खेप भेजी गई। मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित होशंगाबाद का खाद बिल एवं रिलीज आर्डर 5266 था। यह माल 2 लाख 49 हजार 345 रुपए का था। माल से भरे ट्रक पीपलघटा सोसाइटी नहीं पहुंचे। यह माल इंदौर रोड पर अबगांव कला सोसाइटी में उतारा गया था। प्रबंधक रामनारायण शर्मा ने भास्कर बताया कि दो दिन सहकारी कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से कोई कर्मचारी सोसाइटी में नहीं थे। पीपलघटा में गोदाम भी नहीं था जहां ट्रक से उतारा माल सुरक्षित रखा जाता। इसी वजह से अधिकारियों ने पूरा माल अबगांवकला भिजवा दिया।
{दो दिन सहकारी कर्मियों की हड़ताल होने और पीपलघटा में माल उतारने की गोदाम नहीं होने के कारण यह नौबत आई, संचालक मंडल की बैठक कल बुलाई जाएगी
आगे क्या : अबगांवसोसायटी से उक्त रिलीज आर्डर के यूरिया का पूरा पैसा पीपलघटा सोसायटी में ट्रांसफर कराना होगा। प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग सोसायटी संचालक मंडल कर सकता है।
शैलेष जैन. हरदा
खाद की कमी और कालाबाजारी को झेल रहे हरदा जिले में यूरिया से भरे तीन ट्रक पीपलघटा सेवा सहकारी सोसाइटी तक नहीं पहुंचे। यह माल कहीं और खपा दिया गया। अब सोमवार को इस मामले में संचालक मंडल की बैठक बुलाई जा रही है। दूसरी ओर सोसाइटी प्रबंधक ने यह सफाई दी, दो दिन सहकारी कर्मियों की हड़ताल होने और पीपलघटा में माल उतारने की गोदाम नहीं होने के कारण यह नौबत आई।
मामला यह था कि जिला मुख्यालय हरदा की मार्कफेड गोदाम से 2 दिसंबर को तीन ट्रक खाद लेकर 20 किलोमीटर दूर पीपलघटा सोसायटी के लिए रवाना हुए थे। इन ट्रकों में कृभको कंपनी का 900 बाेरी यूरिया भरा हुआ था जिसकी कीमत ढाई लाख रुपए है। यह माल 12 दिन में सोसायटी तक नहीं पहुंचा है।
प्रबंधकका जवाब
पीपलघटासहकारी सोसायटी के अध्यक्ष सुभाषचंद्र विश्नोई ने बताया, उक्त ट्रकों के बारे में जब समिति प्रबंधक से बात की गई तो यह पता चला कि उक्त यूरिया बैंक अधिकारियों के कहने पर अन्य जगह दे दिया गया है।
सवालयह उठ रहा
जबपीपलघटा सोसायटी ने खाद का भुगतान किया तो यह खाद सोसायटी में क्यों नहीं आया। अध्यक्ष बोले, पूरा खाद कहां गयाω पीपलघटा, जामली, कचबैड़ी, पाचातलाई के क