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मेडिकल स्टोर पर जांच में प्रोपाइटर सेल्समैन नहीं मिले, कोई तीसरा था
रिकार्ड में तो 209 स्टोर हैं
अघाेषित आय निकली
{एसडीएम और ड्रग्स इंसपेक्टर अचानक पहुंचे दवा की दुकानों पर
नगरसंवाददाता. हरदा
डॉक्टरों के समझ आने वाले पर्चो पर इंजेक्शन दवाइयां देने वाले तो प्रोपाइटर हैं, ही दक्ष सेल्समैन। मेडिकल स्टोर पर तो दवाइयां बेचने वाला कोई तीसरा ही है। यह खुलासा शुक्रवार को हरदा शहर में हो गया जब एसडीएम और ड्रग्स इंसपेक्टर अचानक एक दवा की दुकान पर पहुंचे। दुकान का लाइसेंस तो मिल गया पर इसके संचालक और सेल्समैन का कहीं पता नहीं था। इन अधिकारियों ने शहर की चार मेडिकल स्टोरों की आकस्मिक जांच की। वैसे तो ड्रग्स इंसपेक्टर पारिवारिक कारण से छुट्टी पर थीं। लेकिन एसडीएम साहब लाल सोलंकी का फोन आया कि मेडिकल स्टाेरों की जांच करने चलना है। दोपहर में जब अधिकारियों के निरीक्षण करने की भनक लगी तो दूसरे मेडिकल स्टोरों के संचालक सतर्क हो गए।
इसके पहले अक्टूबर में कई मेडिकल स्टोर जांच के दायरे में आए थे। अधिकारियों की टीम को देखकर कुछ तो दुकान की शटर गिराकर चले गए थे। दरअसल, कलेक्टर ने मेडिकल स्टोरों पर गर्भपात की दवाइयां बेचने पर पाबंदी लगाई है। ऐसी भी शिकायतें मिल रही है कि लाइसेंस किसी का है और दुकान कोई आेर चला रहा है। कहीं एक्सपायरी डेट की दवाइयां बेच देने के मामले सामने आए।
पहले नोटिस देंगे
^निरीक्षणमें जो भी गड़बड़ी मिली उस पर कार्रवाई तो होगी। पहले हम कारण बताओ नोटिस देंगे।^ -गीतमपटोदिया, ड्रग्सइंसपेक्टर
एक्सपायरी दवाएं अलग नहीं निरीक्षणमें पाया गया कि मेडिकल स्टोर पर एक्सपायरी दवाइयां लेवल लगाकर अलग नहीं रखी गईं। यहां की पशु चिकित्सा में काम आने वाली वेटनरी दवाइयां तक सामान्य दवाइयों के बीच रखीं हुई थीं। इसका खतरा यह है कि एक्सपायरी वेटनरी की दवाइयां गलती से ग्राहक को दी जा सकती हैं।
असल काम तो खेती है
एककेमिस्ट शॉप पर प्रोपाइटर सेल्समैन ही नहीं थे पर दुकान खुली हुई थी। दुकान में दवाइयां काफी कम थीं। वहां मौजूद व्यक्ति ने बताया, दुकान तो शौेकिया तौर पर खोल रखी है। जो मालिक हैं उनका असल काम तो खेती है।