ठंड बढ़ी, लोगों ने अलाव का सहारा लिया
रात से हुई बूंदाबांदी और दिनभर छाए बादलों ने मौसम खुशनुमा कर दिया। शुक्रवार को सुबह से ठंडी हवा चली जिससे मौसम सर्द हो गया। बादलों की ओट में सूर्य देवता की लुकाछिपी चलती रही। शाम को शहर के कुछ हिस्सों में पानी बरस गया। रेलवे डबल फाटक क्रास कर बैतूल-इंदौर नेशनल हाईवे पर आने-जाने वाले वाहन हल्की बारिश में निकल रहे थे। रात में ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलने लगे।
दिसंबर के पहले पखवाड़े मौसम ने करवट ली है। बूंदाबांदी ने मौसम में ठंडक घोल दी है। दिन में भी सर्दी का अहसास हाे गया। अभी तक दिन में हल्की गर्मी बनी हुई थी। शाम के बाद ही खुले स्थानों पर जाने वाले लोग गर्म कपड़े पहनकर निकल रहे थे। हालांकि अभी तापमान में गिरावट 15 डिग्री से नीचे नहीं पहुंची है।
हरदा. शाम 6.45 बजे हरदा के रेलवे डबल फाटक एरिया में बारिश से सड़क भीगी हुई थी।
एक्सपर्ट व्यू
^यहगेहूं को पानी देने का समय है। बारिश से गेहूं-चने की फसल को फायदा ही है। बस ओले नहीं गिरने चाहिए। एक-दो दिन बादल छाए भी रहे तो फर्क नहीं पड़ेगा। ठंड बढ़ना अच्छा है। अगर कोई किसान बोवनी नहीं कर पाएं हो तो कर सकते हैं। ^ -आरपीशर्मा, कृषिवैज्ञानिक हरदा।
यह रहा तापमान
न्यूनतम: 16 डिग्री सेल्सियस
अधिकतम : 24 डिग्री सेल्सियस
बारिश को जानिए
बरसातके चार माह जून से सितंबर 2014 तक हरदा जिले में 766.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। पिछले साल 2013 में उक्त चार माहों की औसत वर्षा 1501.5 मिमी थी। जिले की सामान्य वर्षा 1261.7 मिमी है। इसके पहले एक अक्टूबर को हरदा में बिजली की चमक और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ तेज बारिश हुई थी।
दिनभर छाए बादल, सुबह से चली ठंडी हवा, सूर्य-बादल खेलते रहे अठखेलियां
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