दशानन का वध, बुराई पर अच्छाई की जीत
गांव में चल रही रामलीला के अंतिम दिन गुरुवार रात को भगवान राम और रावण के बीच भयंकर युद्ध छिड़ा। रावण की हुंकार से तीनों लोक कांप उठे। भगवान राम ने रावण की नाभि में बाण छोड़ा। इसी के साथ नौ ग्रहों का विजेता रावण राम-राम कहते हुए जमीन पर आ गिरा। इसी के साथ जोरदार जयकारे लगे। भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे। इस मौके पर भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ। घरों में दीप जलाए गए। महिलाओं के मंगल गीत गाए। इस मौके पर महाआरती भी हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गांव के शशि रामलीला मंडल 1 फरवरी से शुरू की गई रामलीला का गुरुवार रात को जयकारों के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन रावण और भगवान राम के बीच जोरदार युद्ध छिड़ा। अस्त्र और शस्त्रों के प्रयोग से तीनों लोक थर्रा उठे। अंत में भगवान राम ने रावण का वध किया। लंकापति की मृत्यु के साथ ही श्रद्धालुओं ने जोरदार जयकारे लगाए। माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे भगवान राम को पुष्पाहार से स्वागत किया। गांव को अवध की भांति सजाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने जोरदार आतिशबाजी की। ढोल-नगाड़ों से आकाश गूंज उठा। भगवान राम के राज्याभिषेक को लेकर खासी तैयारी की गई। विधि-विधान से भगवान का राज्याभिषेक किया गया। व्यास रविशंकर गौर ने बधाइयां गाई। इस पर श्रद्धालु जमकर झूमे। हनुमान का किरदार निभा रहे ग्रामीण भी अपने आपको थिरकने से नहीं रोक पाए। इस मौके पर हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने एवं जिला पंचायत सदस्य अनीता गौर, रामदीन पटेल, राजकुमार पगारे, केशव कुमार पगारे, शंकर सिंह मंडलोई, देवीसिंह राजपूत, राजेश कलम, गौरीशंकर गौर, नर्मदाप्रसाद गौर उपस्थित थे। अनीता गौर ने मंडल के सदस्यों को साफा पहनाकर और श्रीफल भेंटकर मिठाई वितरित की। केशव कुमार पगारे, शिव कुमार पगारे ने रामलीला मंडल को 10 हजार रुपए दिए।
झाड़बीड़ा। राज्याभिषेक के दौरान भगवान की आरती करते हुए श्रद्धालु।
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