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सात घंटे में 77 हजार लोगों ने िववाद भूलकर किया समझाैता
{मनमुटाव दूर कर लोक अदालत में आए पक्षकारों ने किया राजीनामा
भास्करसंवाददाता. हरदा
एक दिन में हजारों की संख्या के केस कोर्ट के रिकार्ड में सुलझ गए। इनमें रंजिश के ऐसे मामले भी शामिल थे जिसमें दो पक्षों के लोग आपसी मनमुटाव छोड़कर लोक अदालत में हाजिर हुए और राजीनामा कर केस का खात्मा करवा लिया। अदालत खत्म होने के घंटों बाद तक सुलझे हुए केसों का आंकड़ा घोषित नहीं किया गया। इसमें 25 हजार केस सुलझाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन बार एसोसिएशन सूत्रों ने बताया, एक दिन में 77 हजार 237 केस सुलझ गए गए हैं। वसूली की बात करें तो यह राशि 3 करोड़ 56 लाख रुपए की है।
शुक्रवार को जिला कोर्ट परिसर में मेगा लोक अदालत जिला विधिक सहायता प्राधिकरण ने लगाई थी। इसकी शुरूआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। अदालत लगने से पहले वकीलों से भी कहा गया कि अपने पक्षकारों को सुलह के लिए राजी करें। यह दावा किया गया गया कि
दो-तीन साल में हर लोक अदालत में सुलझने वाले केस से कोर्ट में पेंडिंग केसों का दबाव कम हो रहा है। लोक अदालत में दिवानी, फौजदारी, भरण-पोषण, बिजली बिल, संपत्ति कर, बैंक लोन में छूट,चेक बाउंस और आपसी झगड़ों के केसों की सुनवाई कर उनका खात्मा किया गया। जिला विधिक सहायता प्राधिकरण के सचिव डी एल सोनिया ने कहा, हमारी कोशिश सार्थक रही।