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मंत्री जी; कलेक्टर ने आपके बिना अनुमोदन तबादले किए

5 वर्ष पहले
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मंत्री जी, जिले में कलेक्टर अपनी मर्जी से सारे निर्णय लेकर काम काज कर रहे हैं। कलेक्टर ने बीते दिनों ट्रांसफर कर दिए। इसके लिए आपसे अनुमोदन कराना तक मुनासिब नहीं समझा। जिला पंचायत सदस्य का यह सवाल सुनकर प्रभारी मंत्री सरताज सिंह ने कलेक्टर श्रीकांत बनोठ की ओर देखा। आंखों से इशारा कर जवाब पूछा। बनोठ बोले, सर, किसी का कोई ट्रांसफर नहीं किया। कलेक्टोरेट में केवल बाबुओं के बीच काम का बंटवारा किया है। यह जवाब सुनकर सिंह समझ गए।

वे महिला जिपं सदस्य से मुस्कुराते हुए मजाकिया अंदाज में बोले, इसमें आपकी गलती नहीं है, क्योंकि आप किसी के कहने पर यह सवाल पूछ रहे हो। यह सुनते ही कुछ पल के लिए बैठक में सन्नाटा छा गया। यह संवाद शुक्रवार को जिला योजना समिति की बैठक जिपं सदस्य और प्रभारी मंत्री सरताज सिंह के बीच सवाल-जवाब के दौरान हुआ। मंत्री बोले, कर्मचारियों के बीच काम का बंटवारा कलेक्टर का अधिकार है।

हमें नहीं छोड़ा, जनता की क्या बिसात: विधायक

प्रभारी मंत्री ने बिजली कंपनी के डीजीएम सुमित अग्रवाल से कहा अक्टूबर में फसल नुकसान के सर्वे के दौरान किसानों ने नुकसान के बजाय केवल बिजली कंपनी के दुखड़े सुनाए थे। खिरकिया में सर्वाधिक शिकायतें थीं। अब सिस्टम सुधरा या नहीं। जवाब में अग्रवाल बोले स्थिति में सुधार हुआ है। अब धरना प्रदर्शन बंद हो गए हैं। यह सुनते ही विधायक दोगने बोले साहब बिजली व बिल को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया तो डीजीएम ने खुद उनके (विधायक व जिलाध्यक्ष) के खिलाफ ही झूठा केस दर्ज करा दिया। ऐसे में लाचार जनता की क्या बिसात जो इनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करे।

15 किमी से दूर नहीं जाना होगा गेहूं बेचने
बैठक में मंत्री को बताया खरीदी केंद्रों में बदलाव करने से कई किसानों को 30 किमी से ज्यादा दूर गेहूं बेचने जाना पड़ेगा। इससे परेशानी होगी। सिंह ने कलेक्टर को निर्देश दिए 15 किमी से ज्यादा किसी भी किसान को गेहूं बेचने न जाना पड़े, ऐसे इंतजाम किए जाएं। कलेक्टर ने आश्वस्त किया जहां ऐसी दिक्कतें होंगी, वहां सुधार किया जा रहा है। मूंग के लिए तवा नहर से पानी की मांग पर मंत्री ने कहा तवा नहरों की लाइनिंग चल रही है।

इधर, ग्रामीण बोले, खेल मैदान की जमीन का नहीं हो रहा सीमांकन
नीमगांव में खेल मैदान बनना है। जिपं से मंजूरी मिल चुकी है। ग्रायासे विभाग भी निरीक्षण कर रिपोर्ट दे चुका है। राजस्व अमले ने सीमांकन नहीं किया। इससे काम आगे नहीं बढ़ रहा है। नीमगांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रभारी मंत्री सिंह को ज्ञापन देकर हस्तक्षेप की मांग की। सुहागमल पवार ने बताया तत्कालीन कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने बीते साल 2 सितंबर को जमीन खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित कर दी। भूमि का सीमांकन नहीं होने से ले आउट नहीं डल पा रहा है। सीमांकन के लिए आरईएस के कार्यपालन यंत्री द्वारा एसडीओ राजस्व को 3 फरवरी को पत्र लिखा, लेकिन कार्रवाई नहीं की। शिवनारायण, सुंदरलाल, अजय, प्रवीण, राजकुमार, गौरीशंकर, रमेशचंद्र आदि ने विभागों की कार्रवाई के कागजात भी मंत्री को दिए। मंत्री ने कलेक्टर को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

इन पर भी चर्चा
बंद नलजल योजना शुरू हो। पाइप लगाएं, नए स्रोत खोजें। हैंडपंप सुधारें।

बिजली कंपनी कैंप लगाए, ज्यादा राशि के बिल न दे।

52 सोसाइटियों की जांच हो, दोषियों पर हो एफआईआर करें।

आयुक्त से 7 दिन में गड़बड़ियों का ब्यौरा मांगा।

38 मिडिल स्कूल के उन्नयन के प्रस्ताव का अनुमोदन।

पशु अस्पताल में दुकानें बनाकर लीज पर देने का प्रस्ताव।

कलेक्टर और एसपी पर नाराज हुए प्रभारी मंत्री
बीते साल अक्टूबर में मंत्री ने सहायक आयुक्त सहकारिता, कलेक्टर व एसपी को 52 सहकारी समितियों की जांच कराकर दोषियों पर एफआईआर के निर्देश दिए थे। संबंधितों ने न तो जांच कराई न एफआईआर कराई। इस पर प्रभारी मंत्री कलेक्टर श्रीकांत बनोठ, एसपी प्रेमबाबू शर्मा, सहायक आयुक्त सहकारिता आलोक दुबे पर जमकर नाराज हुए। वे बोले पुरानी आर्थिक गड़बड़ी की सोसाइटियों की एफआईआर में आगे क्या किया। पहले से दर्ज करीब 60 से ज्यादा लोगों की एफआईआर में क्या कार्रवाई की। इस पर अफसर खामोश हो गए। एसपी ने कहा पौने तीन करोड़ का जनवरी 2015 का घोटाले में पैसा रिकवर हुआ है। आरोपियों को जेल में है। कोर्ट में मामला चल रहा है। दुबे बोले विभागीय जांच चल रही है।

कलेक्टर इशारे से एक अधिकारी को मंत्री के निर्देश के बारे में बताते हुए।

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