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आंगनबाड़ी केंद्र में नहीं थे खिड़की-दरवाजे, आशा ने घर को ही बना दिया आरोग्य केंद्र
आशा कार्यकर्ताओं
के यह कार्य
गांव में आरोग्य केंद्र बनने से मरीजों को मिलने लगी सुविधाएं
हंडियातहसील के ग्राम आदमपुर की आशा कार्यकर्ता ने अपने घर में ही आरोग्य केंद्र बना लिया है। केंद्र बनने के बाद से यहां आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यहां व्यवस्थित रूप से ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।
शासन के आंगनबाड़ी केंद्रों में आरोग्य केंद्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए जाने के बाद कई आंगनबाड़ी केंद्र में आरोग्य केंद्र शुरू किए गए थे। लेकिन ग्राम आदमपुर में आंगनबाड़ी केंद्र के खिड़की दरवाजे नहीं होने के कारण यहां केंद्र को शुरू करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके चलते गांव की आशा कार्यकर्ता उमा इंदौरो ने अपने मकान को ही आरोग्य केंद्र बना दिया है। केंद्र को व्यवस्थित रूप दिया गया है। केंद्र बनने के बाद से यहां आने वाले मरीजों को बैठने और परामर्श देने के लिए उचित मिल गई है जबकि आरोग्य केंद्र बनाए जाने के लिए किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में आशा कार्यकर्ता ने क्षेत्र में मिसाल कायम की है।
आरोग्य केंद्र माताओं और शिशुओं की देखभाल, टीकाकरण, दवाओं का वितरण सहित मरीजों को इलाज के लिए केंद्र से अस्पताल तक ले जाने सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। आशा कार्यकर्ता उमा इंदोरे ने बताया कि गांव में आरोग्य केंद्र शुरू करना था लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र में खिड़की-दरवाजे नहीं होने के कारण यहां बनाया जाना उचित नहीं लगा। परेशानी को देखते हुए मकान को ही आरोग्य केंद्र बनाया गया है। बिना किसी शुल्क लिए सात महीने से आशा कार्यकर्ता केंद्र का संचालन कर रही है। केंद्र बनने से मरीजों को भी सुविधाएं मिल गई है।
ग्राम स्वास्थ्य स्वास्थ्य जानकारी देना, स्वास्थ्य संबंधी आदतों में सुधार के लिए परामर्श देना, एएनएम के साथ तालमेल बनाए रखना, परामर्श देना, मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करना, ग्रामीण क्षेत्रों में दवाईयों का वितरण करना, ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के जन्म और मृत्यु की जानकारी देना, रिकार्ड रखना आदि।
यह प्रेरणादायी और सेवा भावना है
^आंगनबाड़ी केंद्रों में आरोग्य केंद्र लगाए जा रहे हैं। आदमपुर गांव की आशा कार्यकर्ता ने जगह के अभाव में अपने घर को आरोग्य केंद्र बना लिया है तो यह प्रेरणादायी और सेवा भावना है। जेएसअवास्या, सीएमएचओ
हरदा। आशा कार्यकर्ता ने घर में ही आरोग्य केंद्र बना लिया।