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अब फ्रीजर में सुरक्षित रखे जाएंगे शव

7 वर्ष पहले
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अब परिजनों के आने में देरी होने पर भी जिला अस्पताल में शव काे सुरक्षित ढंग से फ्रीजर में रखा जाएगा। हरदा भास्कर में 18 सितंबर को छपी खबर लावारिस की तरह 36 घंटे तक रखा रहा जवान का शव का गहरा असर हुआ। खबर पढ़ने के बाद शनिवार को विधायक डॉ. रामकिशाेर दोगने ने घोषणा कर दी कि वे विधायक निधि से दो फ्रीजर देंगे। इसमें एक फ्रीजर खिरकिया अस्पताल भेजा जा सकता है। जिला अस्पताल काे एक फ्रीजर जनसहभागिता से मिल सकता है।

अभी तक अस्पताल में किसी मरीज की मृत्यु होने पर अथवा हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति का शव पोस्टमार्टम के बाद बरामदे में रख दिया जाता है। विगत 15 सितंबर को कामायनी एक्सप्रेस से गिरे सेना के जवान का शव 36 घंटे तक बरामदे में रखा रहने से कीड़े रेंगने लगे थे और बदबू आने लगी थी। हरियाणा के भिवानी से आए मृतक के परिजन शव का यह हाल देखकर व्यथित थे। शिकायत होने पर अस्पताल में कलेक्टर को आना पड़ा था। इस घटना के बाद रोगी कल्याण समिति शव रखने का फ्रीजर खरीदने का प्रस्ताव लाती, इसके पहले विधायक डॉ. दोगने ने दो फ्रीजर देने की घोषणा की दी।

हरदा. जिला अस्पताल, जहां शव बरामदे में रख दिए जाते हैं।

शहर में नहीं है एक भी फ्रीजर

महानगरमें इलाज के दौरान अथवा आकस्मिक निधन हाे जाने पर शहर लाए गए शव के अंतिम संस्कार के पहले निकटतम परिजनों का इंतजार किया जाता है। अगले दिन अंतिम संस्कार करने की नौबत आने पर शव को बर्फ पर रखने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं हाेता। शहर में सेवा भावना की बदौलत एंबुलेंस वाहन तो गए लेकिन शव रखने के फ्रीजर किसी समाज या संगठन के पास नहीं हैं।

सुिवधा

फौजी का शव अस्पताल में 36 घंटे रखा रहने से खराब हो गया था