पर्यावरण बचाने निकाली साइकिल रैली
साईक्लिंग फॉर हेल्थ एंड फन का नारा देकर शनिवार की शाम शहर की सड़कों पर बायसिकल राइडर्स उतर गए। सभी ने एक स्वर में सेव नेचर, सेव लाइफ के लिए साइकिल से नाता जोड़ा। ग्रीन प्लेनेट बायसिकल राइडर्स एसोसिएशन से पहले ही दिन शहर के प्रबुद्ध जन युवा जुड़ गए।
राेजमर्रा की जिंदगी में साइकिल को बढ़ावा देने वाले इस मुहिम के सूत्रधार रिटायर्ड आईएएस सत्यप्रकाश और उनके साथी घंटाघर चौक से साइकल पर सवार होकर निकले। घंटाघर चौक पर हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने ने भी साइकिल चलाई। साइकिल सवार यहां से चांडक चौराहा, टांक चौराहा, पॉलीटेक्निक कॉलेज से होते हुए एलबीएस कॉलेज तक पहुंचे।
यह आयोजन एसोसिएशन की हरदा इकाई ने भारत विकास परिषद और नर्मदा वेली रूरल डवलपमेंट फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से किया। परिषद के अध्यक्ष राजीव खरे ने बताया, हरदा शहर में ईधन धन की बचत, वाहनों का प्रदूषण रोकने और अच्छी सेहत के लिए नागरिकों में साइकिल चलाने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन दिया जाएगा। भोपाल से आए रिटायर्ड आईएएस सत्यप्रकाश ने होटल रेसीडेंसी में भास्कर से बात करते हुए कहा, सड़क पर सुरक्षा ठीक नहीं होने से लोग साइकिल चलाने से बचते हैं। रोड पर इतनी गािड़यां हो गई हैं कि सांस लेना दूभर हो गया है। पर्यावरण को बचाने की प्रेरणा मन में आते ही वे खुद सर्विस के दौरान वल्लभ भवन साइकल से जाने लगे। छह हजार लोगों का एक ग्रुप बनाया जो साइकिल चलाता है। इसे भोपाल से इंदौर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर हरदा तक ले आए हैं। 63 वर्षीय सत्यप्रकाश बोले, वे खुद अपने साथियों के साथ गेयर वाली साइकिल से भोपाल से पचमढ़ी और खजुराहो तक की यात्रा कर चुके हैं। वे फाॅरेन स्टायल की साइकिल खुद विदेश से पार्टस बुलवाकर बनाते हैं। इससे एक लाख की महंगी साइकिल 20 हजार रुपए में बन जाती है।
हरदा. माय सिटी, ग्रीन मूवमेंट का ध्येयवाक्य लेकर शनिवार की शाम शहर के घंटाघर चौक से साइकिल रैली निकाली गई।
साइकल चलाकर पर्यावरण सेहत करेंगे दुरुस्त
माय सिटी, ग्रीन मूवमेंट हरदा में