200 विशेष बच्चों को पढ़ाने शिक्षकों ने ली ट्रेनिंग
दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए जिले के शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी गई। ताकि वह विशेष बच्चों को पढ़ा सकें। ट्रेनिंग कैंप 10 दिनों तक चला। इस दौरान 70 शिक्षकों को ब्रेल लिपि का प्रशिक्षण दिया गया।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण 10 दिनों तक चला। जो 1 फरवरी से शुरू हुआ था और 10 फरवरी को समाप्त हो गया। जिला परियोजना समन्वयक लखनलाल वर्मा ने बताया प्रशिक्षण में शिक्षकों को ब्रेल लिपि से हिंदी, अंग्रेजी और गणित की अलग-अलग विधाओं का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद अब वे विशेष बच्चों को पढ़ाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य एमके गुप्ता, वरिष्ठ व्याख्याता मनोज जैन, हेमंत गौर, शिवनारायण भाटी विशेष तौर पर मौजूद थे।
बच्चों ने दिखाया हुनर
मास्टर ट्रेनर मोहन राजपूत ने बताया प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में विशेष बच्चों ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने अपनी कला का जौहर दिखाते हुए गायन, नाटक व नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं सभी शिक्षकों ने राशि एकत्रित करके विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के छात्रावास में रहने वाले बच्चों को ड्रेस का वितरण किया गया।
इन्होंने दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर मोहन राजपूत, विकास पांडे, सत्यजीत तिवारी, पूर्णिमा त्रिपाठी, माहेश्वरी राठौर, मुक्ति गुहा द्वारा हिंदी-अंग्रेजी, ब्रेल अंकीय ज्ञान, टेलर फ्रेम, अबेकस, ब्लाईंड फोल्ड लगाकर चलने और सांकेतिक भाषा का प्रयोग करने का प्रशिक्षण दिया।
विशेष बच्चों को पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग लेते शिक्षक।
प्रशिक्षण