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बुखार से हुई दो की मौत, ग्रामीणों में डेंगू की दहशत
बारंगानिवासी अरुणाबाई पिता परसराम आदिवासी, 14 साल, कक्षा आठवीं को चार दिनों से बुखार रहा था। सोमवार को उसकी अचानक मौत हो गई। बुखार बिगड़ गया था। ग्रामीण अलखनारायण गुर्जर ने बताया कि बुखार बिगड़ने से बालिका की मौत हो गई। जानकारी लेने पर मृतका के काका सखाराम ने बताया कि लड़की को चार-पांच दिन से बुखार था। उसे स्कूल में स्वास्थ्य कार्यकर्ता को दिखाया था, जहां गोली दवा दी गई। एक डॉक्टर को दिखाया था। सोमवार को उसकी मौत हो गई। इसी गांव की अर्चना नाम की करीब 14 वर्षीय एक अन्य लड़की को भी बुखार की खबर है।
नगर संवाददाता|खिरकिया
क्षेत्रके दो गांवों में बुखार से पीड़ित दो की मौत हो गई। इनमें बम्हनगांव का एक व्यक्ति और बारंगा निवासी एक बालिका शामिल है। डॉक्टर इन मौत का करण वायरल फीवर बता रहे हैं।
बम्हनगांव निवासी सुरेश प्रजापत, 44 वर्ष को चार दिन पहले बुखार आने पर हरदा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसका वायरल फीवर का इलाज चला। रविवार शाम उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने के बाद रात में सुरेश की एक बार फिर तबीयत बिगड़ी और उसकी मृत्यु हो गई। खबर के बाद गांव में सन्नाटा छा गया। सरपंच ने मन्नू माली ने बताया कि इस मौत के चलते ग्रामीणों में डेंगू की दहशत है। मृतक के बड़े भाई रमेश प्रजापत ने बताया कि सुरेश को डेंगू बुखार तो नहीं है, डॉक्टर वायरल फीवर बता रहे थे। अचानक मृत्यु होने से डेंगू होने की आशंका लग रही है। काकाजी हाॅस्पिटल हरदा के डॉक्टर महेंद्र चौरे ने बताया कि युवक का वायरल फीवर का इलाज चल रहा था। नॉर्मल हाेने पर रविवार शाम उसकी छुट्टी कर दी गई थी।
मरीज देखने पहुंचे डॉक्टर शकूरकॉलोनी निवासी 21 वर्षीय युवक को डेंगू की पुष्टि हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी प्राइवेट हॉस्पिटल में पहुंच गए थे। दो दिन पहले सरकारी अस्पताल के डॉक्टर युवक को साधारण वायरल होना बता रहे थे वहीं आज डेंगू की बीमारी सामने आने के बाद विभाग की चौकन्ना हो गया है।